ग्वालियर माइनिंग विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल,जप्ती के बाद चंद मिनटों में छोडा डम्फर

ग्वालियर । खनन माफिया और मायनिंग विभाग का एक और कारनामा सामने आया है। विभाग द्वारा लाखों का माल और वाहन को राजसात होने से बचाने के लिये थाने में वाहन पकड़ने के बाद 7 मिनट के बाद एक डम्पर की गलत ढंग से रॉयल्टी मान्य कर दी गयी। बल्कि उसे जुर्माना व राजसात होने से बचा लिया गया। सिर्फ 62 हजार रूपये ओवर लोडिंग का जुर्माना भरकर वाहन को छोड दिया। घटना बिलौआ थाना इलाके की है। यहां पुलिस के पकड़े गये वाहन का मायनिंग विभाग की कार्यवाही के बाद छोड़ गया। थाने में डम्पर को जब्त कराने वाले सहायक खनिज अधिकारी घनश्याम यादव थे। यह पूरा मामला 11 अक्टूबर 2024 शाम का है। इस मामले में कलेक्टर ग्वालियर ने जांच की बात कहीं है।
यह है मामला
दरअसल,ग्वालियर में शुक्रवार को एक मामला सामने आया है। इसमें एक गिट्टी से भरे डंपर को पहले थाना में जब्त करवाने की कार्रवाई के बाद उसकी रॉयल्टी जारी होने की बात सामने आई है। जिस पर पूरे महकमा में हड़कंप मच गया है। बता दें कि 11 अक्टूबर की शाम 4 डंपर गिट्टी से भरे पकड़े गए थे। यह ओवरलोड होने के साथ ही रॉयल्टी नहीं दिखा पाए थे। यह डंपर बिलौआ पुलिस ने पकड़े थे और यह बिलौआ की लखनपुरा खदान से निकले थे। सूचना पर सहायक खनिज अधिकारी घनश्याम सिंह यादव उसमें निरीक्षणकर्ता थे। रोजनामचे में 11 अक्टूबर 2024 की शाम 6.58 बजे इन वाहनों को जब्तशुदा बताकर खनिज विभाग के हाथ में सौंप दिया गया था। इस प्रकार की कार्रवाई में माइनिंग विभाग ही आगे एक्शन लेती है पर रोजनामचा में जब्ती के समय 6.58 बजे के ठीक 07 मिनट बाद (शाम 7.05 बजे) इनमें से एक डंपर नंबर आरजे 11 जीसी-5672 की रॉयल्टी रसीद जारी होती है। जिसके आधार पर इस डंपर पर सिर्फ ओवर लोडिंग का 62 हजार रुपए का जुर्माना कर उसे छोड़ दिया गया। जबकि रॉयल्टी रसीद न मिलने पर उसे अवैध मानते हुए वाहन को राजसात किया जाना था।

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