ग्वालियर । देश के जाने – माने कथाकार और पत्रकार हरीश पाठक की सद्य प्रकाशित पुस्तक मेरे आकाश मेरे धूमकेतु ष् का विमोचन गुरुवार को ग्वालियर में किया गया। ग्रामीण पत्रकारिता विकास संस्थान के सहयोग से आयोजित इस भव्य और गरिमापूर्ण विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार और एनडीटीवी के रेजिडेंट एडिटर अनुराग द्वारी थे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार और प्रेमचंद सृजन पीठ के पूर्व अध्यक्ष जगदीश तोमर ने की । विशिष्ठ अतिथि और वक्ता के रूप में वरिष्ठ लेखक प्रमोद भार्गव, वरिष्ठ पत्रकार देव श्रीमाली और गीतकार घनश्याम भारती ने उद्बोधन दिया। इस मौके पर जनसंपर्क विभाग के उप संचालक मधु शोलपुरकर और पीआरओ हितेंद्र भदौरिया भी उपस्थित थे। संचालन जानी मानी उदघोषिका तूलिका शर्मा ने किया।
मुख्य अतिथि अनुराग द्वारी ने कहाकि संस्मरण की पुस्तकें सामान्य पुस्तको से बहुत ही ज्यादा कीमती और महत्वपूर्ण होतीं है। इनसे हर पीढ़ी को आगे बढ़ने, सीखने , संघर्ष करने की क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है। महान लोगों के व्यक्तित्व का हर पक्ष उजागर होने से अनेक सीख मिलती है। प्रेरणा भी मिलती है और नसीहत भी । हरीश पाठक की यह पुस्तक इसी वजह से महत्वपूर्ण है और इसको कालजयी बनाती है। इससे लोगो के बारे में बहुत ही शिद्दत से झांकने का अवसर मिला। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जगदीश तोमर ने कहा कि साहित्य में घृणा नही करती बल्कि वह जोड़ता है। हरीश पाठक के लेखन में यह अक्षरशः खरी उतरती है। यह अपने संपर्क के लोगो की न जीवनी है न आलोचना बल्कि यह उनका समग्र विहंगावलोकन है। यही उनके लेखन को विलक्षण और सबसे अलग उत्कृष्ट बनाती है। अंत मे सभी अतिथियों को स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मान किया।
वरिष्ठ लेखक और पत्रकार प्रमोद भार्गव ने कहाकि यह पुस्तक तटस्थता से लिखी गयी है । यह एक तरफ हरीश जी के लेखक और लेखन का अनुशासन बताती है। गीतकार घनश्याम भारती ने भी अपने विचार व्यक्त किये । कार्यक्रम की शुरुआत में ग्रामीण पत्रकारिता विकास संस्थान के अध्यक्ष देव श्रीमाली ने स्वागत भाषण देते हुए विषय प्रवर्तन किया। इसके बाद रंगमंच की जानी मानी अभिनेत्री वसुंधरा व्यास और शिल्पी माथुर ने किया । कार्यक्रम के प्रारम्भ मे रवि उपाध्याय , बिनी वर्मा , पंकज श्रीमाली, विकास शर्मा, अनूप श्रीवास्तव, विवेक अवस्थी, रविशेखर , रवि शेखर आदि ने पुष्पाहार से अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन में शहर के वरिष्ठ साहित्यकार और पत्रकार उपस्थित थे।
कथाकार-पत्रकार हरीश पाठक की पुस्तक मेरा आकाश मेरा धूमकेतु का विमोचन
