राजघरानों पर टिप्पणी कर फंसे राहुल गांधी, भड़के सिंधिया तो कांग्रेस का पलटवार

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा सांसद दुष्यंत सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजघरानों पर टिप्पणी को लेकर जमकर निशाना साधा है. दोनों नेताओं ने राहुल गांधी पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है. सिंधिया ने कहा कि राहुल गांधी, पहले इतिहास पढ़ें, फिर बयानबाजी करें।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक्स पर लिखा, संविधान को अपनी पॉकेट डायरी समझने वाले नेता राहुल गांधी की ओर से आजादी से पूर्व भारत के राजपरिवारों की भूमिका को लेकर दिया गया बयान उनकी संकीर्ण सोच और समझ को उजागर करता है. सत्ता और कुर्सी की भूख में वह भूल गए हैं की इन राजपरिवारों ने वर्षों पहले भारत में समानता और समावेशी विकास की नींव रखी थी.
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ये भूल गये हैं किरू
– बड़ौदा महाराज सयाजीराव गायकवाड़ ने हमारे संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर को शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी।
– छत्रपति साहूजी महाराज ने 1902 में पहली बार देश के बहुजनों को अपनी शासन व्यवस्था में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की बुनियाद रखी थी।
– पिछड़े वर्गों को शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ग्वालियर के माधव महाराज प्रथम ने पूरे ग्वालियर- चंबल में शिक्षा और रोजगार के केंद्र खुलवाये थे।
सिंधिया ने आगे कहा,वह तानाशाही विचारधारा को जन्म देने वाली कांग्रेस थी जिन्होंने दलितों, वंचितों और पिछड़े वर्ग के अधिकारों पर कुठाराघात करने का काम किया. राहुल गांधी, पहले इतिहास पढ़ें, फिर बयानबाजी करे।
राजघरानों का योगदान पर भाजपा का पक्ष
ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो ग्वालियर के पूर्व राजघराने से ताल्लुक रखते हैं, ने कहा, ष्राहुल गांधी की टिप्पणी उनकी संकीर्ण सोच को दर्शाती है. सत्ता की भूख में वे यह भूल गए हैं कि भारत के राजघरानों ने सामाजिक न्याय और समानता की नींव रखी थी.ष्
राहुल गांधी की राजघरानों पर टिप्पणी
दरअसल, मध्य प्रदेश के महू में जय बापू, जय भीम, जय संविधान रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आजादी से पहले के भारत में राजघरानों के अधिकारों और दलितों, आदिवासियों व पिछड़े वर्गों की स्थिति पर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि आजादी और संविधान से पहले गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों के पास कोई अधिकार नहीं थे. केवल राजा और महाराजा ही शक्तिशाली थे।
भाजपा के बवाल पर कांग्रेस का पलटवार
राहुल गांधी की टिप्पणी पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, ष्मुट्ठी भर राजघरानों के अच्छे काम बहुसंख्यक राजाओं की अत्याचारी प्रवृत्तियों को नहीं ढक सकते.ष् खेड़ा ने सिंधिया परिवार पर कटाक्ष करते हुए सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रसिद्ध पंक्तियों का हवाला दिया, ष्खूब लड़ी मर्दानी, वो तो झांसी वाली रानी थी.ष् उन्होंने कहा कि 1857 के विद्रोह के दौरान ग्वालियर के शासक ने अंग्रेजों का साथ दिया और राजधानी छोड़कर भाग गए.

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