औरंगजेब के अतीत और मानसिकता में अटका विपक्ष: सिंधिया

ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को ग्वालियर पहुंचे तो कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. वहीं रेलवे स्टेशन पर केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से भी चर्चा की. इस दौरान उन्होंने भोपाल में सफलतापूर्वक आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर बधाई देते हुए इसे मध्यप्रदेश के लिए अहम कदम बताया. वहीं विपक्ष द्वारा औरंगजेब के महिमा मंडन की जमकर आलोचना की।
मीडिया ने जब विपक्ष द्वारा औरंगजेब महिमामंडन करने पर सिंधिया का रिएक्शन लिया गया तो उन्होंने कहा, ष् कुछ लोग अभी भी विदेशी आक्रांताओं से आकर्षित हैं. एक तरह से जय जयकार करने में अभी भी लगे हैं. देश के लिए केवल मराठाओं ने ही नहीं बल्कि हर समाज ने बलिदान दिया है।
सिंधिया ने साधा विपक्ष पर निशाना
सिंधिया ने आगे कहा, छत्रपति शिवाजी हों या मेरे पूर्वज, सभी ने जान की बलिदानी दी. भारत की संस्कृति हजारों साल पुरानी है और अब हमे इसे इकट्ठा कर विश्वपटल पर निखारना होगा. विपक्ष इसलिए इस तरह की बात कह रहा है क्योंकि वे आज भी उसी मानसिकता में अटके हुए हैं. भारत आगे बढ़ रहा है लेकिन वे अभी भी अतीत में अटके हुए हैं.ष्
ऐतिहासिक होगा 10 मार्च का दिन
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी स्थित माधव नेशनल पार्क को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि आने वाले 10 मार्च का दिन बहुत महत्वपूर्ण है. इस दिन उनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया की 80वीं जन्म जयंती है. और उसी दिन मुख्यमंत्री ग्वालियर चंबल क्षेत्र में आ रहे हैं. सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी में स्थित माधव नेशनल पार्क को उनके कर कमलों से परिवर्तित कर माधव टाइगर रिजर्व में स्थापित किया जा रहा है. इसी दिन एक बाघिन को भी रिलीज करेंगे. इस दिन शिवपुरी के विकास और प्रगति की एक नई इबारत लिखी जाएगी.
ग्वालियर किले के जीर्णोद्धार पर बोले सिंधिया
ग्वालियर किले के जीर्णोधार और सौंदर्यीकरण के सवाल पर उन्होंने कहा, हम उसमें बहुत कुछ कर रहे हैं, अभी तक दो चरणों में किले का विद्युतीकरण हो रहा है, आने वाले समय में न सिर्फ विद्युतीकरण और सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि हम किले में बहुत कुछ करने जा रहे हैं. अगले दौरे में विस्तार से बतायेंगे।
दुनिया ने माना भारत का लोहा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रवाना होने से पहले यूरोप में हुई इंटरनेशनल मोबाइल वर्ल्ड कॉन्ग्रेस के बारे में भी हर्ष व्यक्त किया. उन्होंने बताया, स्पेन के बार्सिलोना में मोबाइल वर्ल्ड कॉन्ग्रेस 2025 आयोजित हुई. वहां भारत की क्षमता, प्रतिष्ठा और प्रधानमंत्री का नेतृत्व को केवल यूरोप के 27 देशों ने ही नहीं बल्कि दुनियाभर के देशों ने सराहा है. सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दूर संचार के क्षेत्र में भारत विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

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