एमपी: केले की सप्लाई ठप होने से मुश्किल में बुरहानपुर के किसान

बुरहानपुर ं। बुरहानपुर के केला उत्पादक किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नही ले रही हैं. पहले प्राकृतिक आपदा और अब बाढ़ ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. दरअसल देश की राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और जम्मू कश्मीर में आई बाढ़ के कारण मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से केले की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है. इससे केला उत्पादक किसानों, मजदूरों सहित केला ग्रुप संचालकों की चिंताएं बढ़ चुकी हैं।
केला सप्लाई ठप होने से केले के भाव में कमी आई है, जिसके चलते किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा प्रदेश की एक मात्र केले की मंडी को भी राजस्व का भी नुकसान हो रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर केला किसानों पर हुआ है. केले के दाम कम होने से किसान की लागत तो दूर अपने खेतों से केले की कटाई की मजदूरी भी नहीं निकल पा रहे हैं. इस पर किसानों ने सरकार से एक बार फिर केले का समर्थन मूल्य निर्धारित करने की अपनी मांग दोहराई है.
बुरहानपुर में 22 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में होती है केले की खेती
बता दें कि बुरहानपुर जिले में 22 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में केला लगाया जाता हैं. यहां का केला देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेशों में भी भेजा जाता है. केले के सीजन में बेहतर भाव मिलने से किसान आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं. साल भर कड़ी मेहनत के बाद केले की फसल तैयार होती है लेकिन प्राकृतिक आपदा और आपात स्थिति में लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है.
गौरतलब है कि इस बार पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है. इन राज्यों में बुरहानपुर से केले की सप्लाई की जाती है. रोजाना 250 से अधिक गाड़ियां भेजी जाती हैं. इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप सैकड़ो लोगों को रोजगार मिलता है. लेकिन अब धीरे-धीरे सप्लाई ठप हो गई है. इससे किसानों के सामने संकट पैदा हो गया है. किसान की फसल तैयार खड़ी है, यदि जल्दी फसल नही काटी गई तो केले पक कर सड़ने लगेंगे. इसके मद्देनजर किसानों ने केले का समर्थन मूल्य निर्धारित करने की सरकार से गुहार लगाई है. लोनी के किसान भास्कर महाजन और नाचनखेड़ा के किसान हेमंत पाटिल ने भी सरकार से मदद की गुहार लगाई है.
कृषि उपज मंडी सचिव भूपेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा ष्अब मंडी में 40 से 50 गाड़ियां आ रही हैं, इससे पहले 100 से अधिक गाड़ियां आती थीं. लेकिन उत्तर भारत में आई बाढ़ का असर पड़ा है. इससे मंडी को भी राजस्व की हानि हो रही है. उम्मीद है कि शारदीय नवरात्रि में गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी. फिलहाल दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित जम्मू कश्मीर में सप्लाई ठप हो चुकी हैं।

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