तनाव नियंत्रण के लिए नियमित ध्यान, दिनचर्या में संतुलन और संयमित जीवनशैली अपनाने की जरूरतः डॉ. बिंदु सिंघल
समय पर दी गई सीपीआर अनेक जिंदगियां बचा सकती हैः डॉ. अभिषेक राठौर
नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को क्षति पहुंचाता है, बल्कि उसके मानसिक संतुलन, पारिवारिक जीवन और सामाजिक दायित्वों को भी प्रभावित करता हैः डॉ. रश्मि मिश्रा
छात्र-छात्राओं ने निकाली रैली, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सीपीआर के बारे में किया जागरूक
ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ नर्सिंग साइंस द्वारा विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दो दिवसीय कार्यशाला और विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ग्वालियर जिले के भितरवार कस्बे में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. बिंदु सिंघल (मेडिल स्पेशलिस्ट, सिविल हॉस्पिटल हजीरा), डॉ. अभिषेक राठौर (कंसल्टेंट क्लिनिक कार्डियोलॉजिस्ट), डॉ. रश्मि मिश्रा (इंचार्ज, नशा मुक्ति केंद्र हजीरा) विशेष रूप से शामिल हुईं। इस अवसर पर स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंस की डीन प्रोफेसर मिनी अनिल, एचओडी प्रोफेसर राकेश कुमार ढाका, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंबाली पंचोली, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धीरज लश्कर, एसोसिएट प्रोफेसर निर्देश सिकरवार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ नर्सिंग साइंस द्वारा भितरवार कस्बे में विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ डीन प्रोफेसर डॉ. मिनी अनिल ने सभी का स्वागत किया और कार्यशाला का उद्देश्य बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में व्यस्त दिनचर्या के बीच सभी को अपने स्वास्थ्य के लिए समय निकालना चाहिए। क्योंकि हम अपने शरीर को स्वस्थ नहीं रखेंगे तो ब्लड प्रेशर, सुगर, हाईपरटेंशन और हृदय रोगों से ग्रसित हो जाएंगे। इसलिए हर व्यक्ति को योग-व्यायाम के साथ-साथ हेल्दी फूड व भोजन का इस्तेमाल अमल में लाना बहुत जरूरी है।
तनाव नियंत्रण के लिए नियमित ध्यान, दिनचर्या में संतुलन और संयमित जीवनशैली अपनाने की जरूरतः डॉ. बिंदु सिंघल
मुख्य वक्ता डॉ. बिंदु सिंघल (मेडिकल स्पेशलिस्ट, सिविल हॉस्पिटल हजीरा) ने ‘स्ट्रेस मैनेजमेंट और मेडिटेशन‘ विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को तनाव प्रबंधन के व्यवहारिक और वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में तनाव एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जिससे छात्र-छात्राएं ही नहीं, सभी आयुवर्ग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मेडिटेशन तकनीकें, सकारात्मक सोच विकसित करने के उपाय, समय प्रबंधन के सिद्धांत तथा तनाव घटाने के सरल अभ्यास करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान, दिनचर्या में संतुलन, और संयमित जीवनशैली अपनाने से व्यक्ति न केवल तनाव को नियंत्रित कर सकता है बल्कि मानसिक रूप से अधिक सशक्त, केन्द्रित और ऊर्जावान बन सकता है।
समय पर दी गई सीपीआर अनेक जिंदगियां बचा सकती हैः डॉ. अभिषेक राठौर
डॉ. अभिषेक राठौर (कंसल्टेंट क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट) ने ‘हेल्दी हार्ट एंड सीपीआर‘ विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को हृदय स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ हृदय के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और नशे से पूर्ण दूरी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को हार्ट अटैक की प्रारंभिक पहचान, तरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करने की आवश्यकता और आपातकालीन परिस्थितियों में सीपीआर की निर्णायक भूमिका समझाई। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई सीपीआर अनेक जिंदगियां बचा सकती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं और आमजन को सीपीआर तकनीकों का व्यवहारिक प्रदर्शन भी कराया और सभी को इस जीवनरक्षक कौशल को सीखने की प्रेरणा दी।
नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को क्षति पहुंचाता है, बल्कि उसके मानसिक संतुलन, पारिवारिक जीवन और सामाजिक दायित्वों को भी प्रभावित करता हैः डॉ. रश्मि मिश्रा
डॉ. रश्मि मिश्रा (इंचार्ज नशा मुक्ति केंद्र हजीरा) ने ‘नशा मुक्ति, मनुष्य और स्वास्थ भारत‘ विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने नशे के बढ़ते प्रचलन और उसके दुष्प्रभावों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को क्षति पहुंचाता है, बल्कि उसके मानसिक संतुलन, पारिवारिक जीवन और सामाजिक दायित्वों को भी प्रभावित करता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जागरूकत करते हुए कहा कि स्वस्थ भारत का निर्माण तभी संभव है जब युवा वर्ग पूरी तरह नशामुक्त रहें, क्योंकि युवा ही देश की ऊर्जा, शक्ति और भविष्य हैं। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं और युवा वर्ग को नशामुक्त रहने और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई।
छात्र-छात्राओं ने निकाली रैली, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सीपीआर के बारे में किया जागरूक
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ नर्सिंग साइंस द्वारा विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में भितरवार नगर में दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत दूसरे दिवस स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंस के छात्र-छात्राओं ने भितरवार में स्वास्थ्य जागरूकता रैली निकाली। इस रैली में छात्र-छात्राएं प्रभावशाली स्लोगन एवं पोस्टरों के माध्यम से स्थानीय आमजन को हृदय स्वास्थ्य के प्रतिया जागरूक किया।
इसके बाद छात्र-छात्राओं ने भितरवार के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक में हार्ट अटैक के लक्षण, समय पर उपचार की आवश्यक्ता और रोकथाम संबंधी जानकारी सरल एवं समझने योग्य तरीसे से दी गई। इसके अलावा छात्र-छात्राआं ने सीपीआर का डेमो दिया। जहां छात्र-छात्राओं ने डमी मॉडल की हायता से सीपीआर देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर डीन डॉ. मिनी अनिल, एचओडी प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार ढाका, असिस्टेंट प्रोफेसर सतेंद्र राय, आकाश यादव, निर्देश सिकरवार, अरविंद, नरद, फेबा, श्रृष्टि, रीना सहित अध्यन प्रोफेसर, एसोसिएट प्राफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में युवा और आमजन विशेष रूप से मौजूद रहे।
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर का हृदय दिवस के उपलक्ष्य में भितरवार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
