आईटीएम यूनिवर्सिटी: हर क्षेत्र में क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग निरंतर बढ़ रही हैः प्रो.योगेश उपाध्याय

आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में ‘हाई इंपैक्ट क्लाउड कंप्यूटिंग‘ कार्यशाला आयोजित
ग्वालियर। आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस द्वारा आईसीटी एकेडमी और आईबीएम के सहयोग से ‘हाई-इंपैक्ट क्लाउड कंप्यूटिंग‘ कार्यशाला का आयोजन किया गया। संस्थान के मधुलिमये सभागार में आयोजित कार्यशाला विशेषज्ञ ट्रेनर्स ने छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के वाइस चांसलर प्रोफेसर योगेश उपाध्याय, आईक्यूएसी की डायरेक्टर डॉ. वाणी अग्रवाल सहित विभिन्न प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के अलावा बीटेक (सीएस, ईसी), बीएसी और बीसीए के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
क्लाउड तकनीक विभिन्न उद्योगों की रीढ़ बन चुकी हैः आसिम इकबाल फैजी
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस द्वारा आयोजित ‘हाई-इंपैक्ट क्लाउड कंप्यूटिंग‘ में विशेषज्ञ ट्रेनर्स ने लॉस, पॉस, सॉस, वर्चुअलाइजेशन, डेटा स्टोरेज, क्वाउड सुरक्षा ढांचा और आईबीएम के उन्नत क्लाउड ईकोसिस्टम जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। छात्र-छात्राओं को यह समझने का अवसर मिला कि क्लाउड तकनीक आज स्वास्थ्य, वित्त, रिटेल और इंटप्राइज आईटी जैसे प्रमुख उद्योगों को कैसे शक्ति प्रदान कर रही है। मास्टर ट्रेनर ने छात्र-छात्राओं को बताया कि क्लाउड तकनीक हेल्थकेयर, फाइनेंस, रिटेल और एंटरप्राइज आईटी सहित विभिन्न उद्योगों की रीढ़ बन चुकी है।
कार्यशाला में आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के वाइस चांसलर प्रोफेसर योगेश उपाध्याय ने कहा कि क्लाउड कंप्यूटिंग तकनीक तेजी से परिवर्तन ला रही है और अब यह सभी प्रमुख उद्योग क्षेत्रों की आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर वित्तीय प्रबंधन, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा और एंटरप्राइज आईटी तक-हर क्षेत्र में क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग निरंतर बढ़ रही है, जिससे कुशल क्लाउड प्रोफेशनल्स के लिए अवसरों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्लाउड कंप्यूटिंग केवल एक तकनीकी कौशल नहीं, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था और व्यवसाय मॉडल का मुख्य स्तंभ बन चुका है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को निरंतर सीखने, नई तकनीकों को अपनाने और नवाचार-आधारित सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्र-छात्राओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैंः डॉ. वाणी अग्रवाल
कार्यशाला के दौरान आईक्यूएसी की डायरेक्टर डॉ. वाणी अग्रवाल ने कहा कि इस कार्यशाला ने छात्र-छात्राओं को उद्योग में वर्तमान समय में उपयोग की जा रही अत्याधुनिक तकनीकों का अत्यंत आवश्यक एक्सपोजर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक क्लाउड टूल्स, प्रायोगिक गतिविधियों और विशेषज्ञ मार्गदर्शन के माध्यम से छात्रों की सीखने की रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री की बदलती मांगों को देखते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम, छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और उनके करियर पथ को दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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