सागर । पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत एग्रीकल्चर कॉलेज पर आए संकट के बदले अब छटते नजर आ रहे हैं. विधानसभा में भूपेंद्र सिंह द्वारा लगाए गए सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने बताया है कि खुरई एग्रीकल्चर कॉलेज के लिए एक डीन और 21 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस कृषि महाविद्यालय की घोषणा साल 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी. 2020 में महाविद्यालय को शुरू कर दिया गया था, लेकिन न तो भवन बनाया गया था और न ही शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी।
दूसरी जगह कॉलेज सिफ्ट करने की हो रही थी चर्चाएं
सियासी गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही थी कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के कार्यकाल के दौरान खुरई में स्वीकृत हुआ एग्रीकल्चर कॉलेज कहीं दूसरी जगह खोला जा रहा है और यहां अध्ययन कर रहे 40 छात्र-छात्राओं को दूसरे कॉलेज या एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में शिफ्ट किया जाएगा. इसी सिलसिले में खुरई विधायक और पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने विधानसभा में सवाल लगाया था, जिसके जवाब में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने यह जवाब दिया है।
खुरई विधायक ने महाविद्यालय के संबंध में विधानसभा में पूछा सवाल
मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने खुरई कृषि महाविद्यालय को लेकर सवाल पूछा. इसके जवाब में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने बताया कि ष्खुरई के एग्रीकल्चर कॉलेज में स्वीकृत असिस्टेंट प्रोफेसर के 23 पद और अशैक्षणिक संवर्ग के समस्त 54 पद खाली हैं. डीन के एक पद सहित सहायक प्राध्यापकों के 21 पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं।
एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रयोगशाला उपकरण, प्रोजेक्टर, फर्नीचर आदि की खरीदी की प्रशासनिक अनुमति प्रदान कर दी गई है.ष् मंत्री कंसाना ने महाविद्यालय को अन्य जगह पर शिफ्ट करने के कयासों पर जवाब देते हुए कहा, ष्खुरई एग्रीकल्चर कॉलेज के 40 छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के अन्य सेंटर या कॉलेज में अध्यापन हेतु भेजे जाने संबंधी कार्यवाही प्रस्तावित नहीं है.ष्
8 साल पहले हुई थी कृषि महाविद्यालय की घोषणा
खुरई में एग्रीकल्चर कॉलेज की घोषणा 8 साल पहले 2017 में डोहेला महोत्सव में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने की थी. शिवराज सिंह डोहेला महोत्सव में शामिल होने आए थे. तब तत्कालीन गृहमंत्री और स्थानीय विधायक भूपेंद्र सिंह ने उनके समक्ष एग्रीकल्चर कॉलेज की मांग रखी थी।
बाद में कमलनाथ सरकार में एग्रीकल्चर कॉलेज का काम ठंडे बस्ते में चला गया था. 2020 में शिवराज सिंह के फिर से मुख्यमंत्री बनने पर कॉलेज को हॉस्टल में शुरू कर दिया गया, लेकिन न तो कॉलेज का व्यवस्थित भवन था और न ही टीचिंग स्टाफ था. शैक्षणिक कार्य कृषि विज्ञान केंद्र और क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा कराया जाता था।
