चक्रवात दित्वा से श्रीलंका में तबाही, भारत ने भेजी 53 टन राहत सामग्री, निभाया पड़ोसी धर्म

नई दिल्ली। भारत ने चक्रवाती तूफान दित्वा से निपटने के लिए ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को 53 टन राहत सामग्री भेजी है. इस विनाशकारी तूफान से पूरे द्वीपीय देश को बड़ा नुकसान हुआ. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार श्रीलंका में कम से कम 334 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
राजधानी कोलंबो के कुछ हिस्सों में बढ़ते बाढ़ के पानी से निपटने के लिए अधिकारी अभी भी कोशिश कर रहे हैं. यह बाढ़ एक शक्तिशाली चक्रवाती तूफान की वजह से आई तबाही के बाद आई है. रविवार को एक अपडेट में डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर ने कहा कि लगभग 400 लोग अभी भी लापता हैं और चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में पूरे द्वीपीय देश में इस तूफान की वजह से और भारी बारिश होने की उम्मीद है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार चक्रवाती तूफान दित्वा के बाद भारत ने मानवीय आधार पर तुरंत श्रीलंका को मदद के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया. 28 नवंबर 2025 को ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया. इसी के तहत श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ समन्वय में भारत सरकार ने तुरंत कोलंबो में दो भारतीय नौसेना जहाजों से 9.5 टन आपातकालीन राशन सौंपा।

आगे कहा गया कि मदद के रूप में 1.5 टन और राहत का सामान एयरलिफ्ट करने के लिए भारतीय वायु सेना के तीन विमान भेजे गए. इसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट, रेडी-टू-ईट खाने का सामान, दवाइयां और सर्जिकल उपरकण, ऑन-साइट ट्रेनिंग के लिए पांच लोगों की मेडिकल टीम और बचाव के काम में मदद के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की 80 लोगों की स्पेशल अर्बन सर्च एंड रेस्क्यू टीमें शामिल हैं. भारतीय नौसेना के जहाज सुकन्या (त्रिंकोमाली में) पर 12 टन और राहत का सामान भेजा गया. इस तरह कुल 53 टन राहत का सामान सौंपा गया है।
राहत बचाव अभियान एक साथ चलाए जा रहे हैं. आईएनएस विक्रांत के चेतक हेलीकॉप्टर और भारतीय वायु सेना के एमआई- 17 हेलीकॉप्टर ने श्रीलंकाई एयर फोर्स के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर राहत बचाव अभियान चलाए. इसमें फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट किया गया. इसमें गर्भवता महिलाएं, बच्चे और गंभीर रूप से घायल लोग शामिल थे. बचाए गए लोगों में श्रीलंका, इंडिया, जर्मनी, स्लोवेनिया, ब्रिटेन, साउथ अफ्रीका, पोलैंड, बेलारूस, ईरान, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिक शामिल थे.
एनडीआरएफ की टीमें श्रीलंका के अलग-अलग बुरी तरह प्रभावित और अलग-थलग इलाकों में तलाशी और राहत बचाव में जुटी है. बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद कर रही हैं और उनकी तुरंत सुरक्षा सुनिश्चत कर रही हैं. इन मिले-जुले ऑपरेशन में कुल 121 लोगों को बचाया गया है।
बताया गया है कि इस तूफान की वजह से फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने का काम भी भारतीय वायु सेना की तीन स्पेशल फ्लाइट और तीन कमर्शियल फ्लाइट से किया गया. इसमें कुल मिलाकर लगभग 1500 फंसे हुए भारतीयों को पहले ही वापस लाया जा चुका है. भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और विजन महासागर हिसाब से भारत पहला मददगार बना. जरूरत के इस समय में श्रीलंका की सरकार और लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।

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