भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने अब कांग्रेस गांव की तरफ चली है. नए साल के पहले दिन कांग्रेस ने भोपाल के कोडिया देवका और टीला खेडी गांव से गांव चलो अभियान की शुरूआत की है. इस अभियान के तहत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी गांवों में पहुंचे और लोगों से संवाद किया. इस अभियान के तहत कांग्रेस 5 जनवरी से प्रदेश भर की ग्राम पंचायतों और वार्डों में पहुंचेगी और ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन किया जाएगा. कांग्रेस ने 20 फरवरी तक प्रदेश की सभी 26 हजार ग्राम पंचायतों में कमेटी गठित किए जाने का लक्ष्य रखा है।
भाईचारे को घर-घर तक ले जाएंगे
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ष्ग्राम स्तर और वार्ड स्तर पर कांग्रेस का संगठन गठित हो. इसका मुख्य उद्देश्य है कि कांग्रेस की विचारधारा और भारतवर्ष के भाईचारे को घर-घर तक ले जाना. इसके जरिए हमारी कोशिश बीजेपी की नफरत से लड़ने की है. 5 जनवरी से प्रदेश भर में इसे शुरू किया जाएगा।
हमने हर कार्यकर्ता, सभी वरिष्ठ नेताओं और पदों पर बैठे पदाधिकारियों को कहा है कि 5 जनवरी से प्रदेश भर में इस अभियान को चलाएंगे और पूरे प्रदेश में 20 फरवरी तक हर ग्राम पंचायत और वार्ड में कमेटी गठित कर दी जाएंगी. पार्टी का यह अभियान संगठनात्मक मजबूती और आम लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम होगा।
संगठन मजबूत करने की कोशिश
कांग्रेस ने एक तरह से आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं इसके लिए कांग्रेस संगठन सृजन के तहत अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश में जुटी हुई है. लंबी मशक्कत के बाद कांग्रेस सभी जिलों में अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति कर चुकी है. इसके बाद उन्हें अगले एक साल का टास्क भी सौंपा जा चुका है. जिला और ब्लॉक अध्यक्षों के बाद अब कांग्रेस वार्ड और ग्राम पंचायतों में भी पहली बार अपना संगठन खड़ा कर रही है ताकि जमीनी स्तर तक पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की फौज तैयार की जा सके।
जहां पार्टी कमजोर वहां ज्यादा फोकस
कांग्रेस ने उन क्षेत्रों को अभी से चिन्हित किया है, जहां पार्टी की स्थिति बीजेपी से बेहतर, बराबरी या फिर कमजोर है. जहां पार्टी मजबूत हैं, उन क्षेत्रों को और बेहतर बनाने के लिए भी कोशिश की जा रही है. कांग्रेस का साल 2026 में पूरा फोकस संगठन की मजबूती और चुनाव तैयारियों को लेकर है. कांग्रेस अब कांग्रेस सहकारी समिति, मंडी और पंचायत चुनाव के लिए भी अलग-अलग टीमें बनाएगी. हालांकि यह सभी चुनाव गैर दलीय होते हैं लेकिन यह भी राजनीति दखल से अलग नहीं होते।
कांग्रेस चली गांव की ओर, 26 हजार ग्राम पंचायतों में संगठन मजबूत करने की कोशिश
