भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज बुधवार को तीसरा दिन है. मोहन यादव सरकार अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करने जा रही है. विधानसभा में सुबह करीब 11 बजे वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा टेबलेट के जरिए अपना बजट भाषण पढ़ेंगे. पूरे प्रदेश की निगाह मध्य प्रदेश के बजट 2026-27 पर होगी. किसानों, आम लोगों और महिलाओं को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं. पिछले साल के बजट की तुलना में यह 12 से 15 फीसदी अधिक हो सकता है।
असली मुद्दों से ध्यान भटका रही सरकार: उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप, भाजपा सरकार के मंत्री कभी घंटा तो कभी घंटी बजाकर जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं।
1- प्रदेश की तिजोरी जनता की थी, पैसा जनता का था और कमाई भी जनता की थी, लेकिन उसे खाली सरकार ने कर दिया.
2- सरकार दावा करती है कि, आर्थिक प्रबंधन से हर व्यक्ति की आय 1 लाख 70 हजार रुपये हो गई है, जबकि जमीनी सच्चाई अलग है.
3- जिस दिन मुख्यमंत्री यह साबित कर देंगे कि प्रति व्यक्ति मासिक आय 15दृ20 हजार रुपये है, उसी दिन मैं इस्तीफा दे दूंगा.
ऊर्जा विभाग में किसको क्या मिला-
अटल गृह ज्योति योजना के अन्तर्गत रुपये 6033 करोड़ का प्रावधान
विद्युत वितरण कंपनियों के ऋणों का अधिग्रहण के अन्तर्गत रुपये 3910 करोड़ का प्रावधान
टैरिफ अनुदान के अन्तर्गत रुपये 1296 करोड़ का प्रावधान
नर्मदा घाटी विकास विभाग
रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एस.एस.) के अन्तर्गत रुपये 1091 करोड़ का प्रावधान
म.प्र. उपकर अधिनियम 1982 के अन्तर्गत ऊर्जा विकास उपकर का ऊर्जा विकास निधि को अन्तरण के अन्तर्गत रुपये 837 करोड़ का प्रावधान
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अन्तर्गत रुपये 183 करोड़ का प्रावधान
स्मार्ट मीटर एवं स्काडा योजना हेतु अंशपूंजी के अन्तर्गत रुपये 141 करोड़ का प्रावधान
अमरकंटक ताप विद्युत गृह विस्तार इकाई (1ग्660 मेगावाट) के अन्तर्गत रुपये 67 करोड़ का प्रावधान
सारणी ताप विद्युतगृह विस्तार ईकाई 1 गुना 660 मेगाबाट के अन्तर्गत रुपये 51 करोड़ का प्रावधान
बजट में यह हुए प्रावधान
अटल कृषि ज्योति योजना के अन्तर्गत रुपये 13914 करोड़ का प्रावधान.
सरकारी प्राथमिक शालाओं की स्थापना के अन्तर्गत रुपये 11444 करोड़ का प्रावधान.
विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत रुपये 10428 करोड़ का प्रावधान.
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत रुपये 6850 करोड़ का प्रावधान.
अटल गृह ज्योति योजना के अन्तर्गत रुपये 6033 करोड़ का प्रावधान.
समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत रुपये 5649 करोड़ का प्रावधान.
मुख्यमंत्री किमान कल्याण योजना के अन्तर्गत रुपये 5501 करोड़ का प्रावधान.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन यू एच एमध्एन आर एच एम) के अन्तर्गत रुपये 4600 करोड का प्रावधान.
विद्युत वितरण कंपनियों के ऋणों का अधिग्रहण के अन्तर्गत रुपये 3910 करोड़ का प्रावधान.
सांदीपनि विद्यालय के अन्तर्गत रुपये 3893 करोड़ का प्रावधान.
आंगनबाड़ी सेवाएँ (सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0) के अन्तर्गत रुपये 3863 करोड़ का प्रावधान.
स्वामित्व योजना अंतर्गत अभिलेख के पंजीकरण हेतु सहायता के अन्तर्गत रुपये 3800 करोड़ का प्रावधान
सिंहस्थ-2028 के अन्तर्गत रुपये 3060 करोड़ का प्रावधान.
निवेश प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत रुपये 2550 करोड़ का प्रावधान.
सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के अन्तर्गत रुपये 2343 करोड़ का प्रावधान.
प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) 2.0 बी एन मी के अन्तर्गत रुपये 2000 करोड़ का प्रावधान.
प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के अन्तर्गत रुपये 2000 करोड़ का प्रावधान.
नाडली लक्ष्मी योजना के अन्तर्गत रुपये 1801 करोड़ का प्रावधान.
एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन व्यवसाय तिवेश संवर्धनध्सुविधा प्रदाय योजना के अन्तर्गत रुपये 1550 करोड़ का प्रावधान.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रुपये 1299 करोड़ का प्रावधान.
टैरिफ अनुदान के अन्तर्गत रुपये 1296 करोड़ का प्रावधान.
प्रधानमंत्री सड़क योजनान्तर्गत निर्मित मड़को का नवीनीकरण एवं उन्नयन के अन्तर्गत रुपये 1285 करोड़ का प्रावधान.
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के अन्तर्गत रुपये 1277 करोड़ का प्रावधान.
11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालय छात्रवृत्ति (2.50 लाख से अधिक आय वर्ग हेतु) के अन्तर्गत रुपये 1210 करोड़ का प्रावधान.
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के अन्तर्गत रुपये 1152 करोड़ का प्रावधान.
न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम विशेष पोषण आहार योजना के अन्तर्गत रुपये 1150 करोड़ का प्रावधान.
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के अन्तर्गत रुपये 1100 करोड़ का प्रावधान.
रीवैल्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एम.एस.) के अन्तर्गत रुपये 1091 करोड का प्रावधान.
बजट में यह हुए प्रावधान
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया 4,38,317 करोड़ रुपए का बजट,157000 करोड़ रुपए के वित्तीय संसाधन किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे.
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1801 करोड़ का प्रावधान किया गया.
ट्रेड टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराया जाएगा.
लाड़ली बहना योजना के लिए 23, 800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया.
4454 करोड़ रुपए जल जीवन मिशन के लिए रखे गए हैं.
34500 करोड़ का ऊर्जा के लिए प्रावधान किया गया है.
2030 तक 10000 नए आवास बनाए जाएंगे.
1370 करोड़ का इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड के लिए प्रस्तावित.
5428 करोड़ जजी राम जी योजना के लिए.
400 करोड़ स्वच्छ भारत मिशन के लिए.
सोयाबीन के लिए किसानों को करोड़ों का भुगतान
जगदीश देवड़ा ने कहा, श्श्मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है. मध्य प्रदेश में युवाओं की बड़ी संख्या है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रस्थान तथा पोस्ट हार्वेस्ट कार्रवाई प्रबंधन जैसी गतिविधियों द्वारा कृषि कार्य के प्रत्येक चरण में किसानों के साथ हमारी सरकार खड़ी है. इसके साथ ही किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मन निधि तथा शून्य ब्याज पर कृषि दिन जैसी आर्थिक समर्थन की योजनाएं भी प्रचलित है कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचाई की आवश्यकता सर्वोपरि है. किसानों को स्थाई सिंचाई पंप कनेक्शन की योजना अंतर्गत 125000 ट्रांसफार्मर स्थापित है।
सिंचाई के लिए ऊर्जा की निर्माण आपूर्ति के सुधार करने के लिए प्रधानमंत्री कृषक सूर्यमित्र योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में रुपए 3000 करोड़ की लागत से 11 सोलर सिंचाई पंप किसानों को उपलब्ध कराया जाना लक्षण है. हमारी सरकार किसानों के लिए कृषि उद्यानिकी पशुपालन तथा मत्स्य पालन आदि को मूल्य संवर्धन से जोड़कर रोजगार के व्यापक अवसर सूचित कर रही है. प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि अंतर्गत किसान परिवारों को रुपए 6000 प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।
हमारी सरकार द्वारा भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत 12000 रुपए प्रति वर्ष का लाभ दिया जा रहा है. भावांतर योजना के अंतर्गत सोयाबीन के लिए 6 लाख 44000 किसानों को करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया है. भावांतर योजना के सप परिणाम से प्रभावित होकर अन्य प्रदेशों द्वारा भी योजना में रुचि दिखाई गई है. हमने विगत बजट भाषण में मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना प्रारंभ करने की घोषणा की थी. इसके अंतर्गत किसानों को स्थिति की संतुलन हेतु सहायक फैसले लेने पर राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।
कांग्रेस का प्रदर्शन, लगातार कर्ज के लगाए आरोप
बजट के पहले विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, खाली गुल्लक लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि, श्श्कर्ज लेकर सरकार चलानी पड़ रही है. कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए भी सरकार लगातार कर्ज ले रही है. मध्य प्रदेश पर 5.3 लख करोड़ का कर्ज।
1 प्रतिशत भी लोगों को रोजगार नहीं दिया: जीतू पटवारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, पिछले 6 साल में मध्यप्रदेश के 1फीसदी भी मजदूरों को मनरेगाा के तहत 100 दिन का रोजगार भाजपा ने नहीं दिया है. ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आप आए दिन मीडिया में डछत्म्ळ। के 100 दिन की रोजगार गारंटी को 125 दिन करने का ढोल पीटते हैं. पर सच्चाई यह है कि मध्य प्रदेश में 2021 से 2026 तक 1 प्रतिशत भी लोगों को आपकी सरकार 100 दिन का वार्षिक रोजगार नहीं दे पाई है. फिर भी आप बड़े अहंकार से मर्यादा पुरुषोत्तम राम जी के नाम पर झूठ बोल रहे हैं. धन्य हैं आप जी और आपकी कलाबाजी, जहां 100 में से सिर्फ 1 व्यक्ति को 100 दिन का रोजगार देकर आप श्रमिक मजदूरों के जीवन में क्रांति लाने का दावा करते हैं। भगवान का नाम लेकर झूठ नहीं बोलना चाहिए, ग्रामीण विकास मंत्री जी।
9 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतराः मोहन यादव
सीएम डॉ. मोहन यादव का ने आने वाले बजट को लेकर कहा कि, मध्यप्रदेश की आर्थिक विकास दर बहुत अच्छी है. दो वर्ष के बीच वर्ष 2023-24 और 24-25 में 46 प्रतिशत की अभूतपूर्व बढोतरी हुई हैं.बेहतर कनेक्टिविटी रोजगार सृजन और औघोसरंचना विकास के कारण हुई है सीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, कर्नाटक जैसा विकसित राज्य जहां कांग्रेस की सरकार है उसे हमने आर्थिक स्थिती के मामले में पछाड़ दिया है. एमपी में प्रति व्यक्ति आय 1लाख 69 हजार रुपये ज्यादा हुई हैं. अलग अलग सेक्टर की बात करें तो पशुधन के क्षेत्र में आय 7.2 दर से बढ़ी हैं.9 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरा है।
एमपी एक मात्र राज्य जिसकी विकास दर 30 प्रतिशत से ज्यादा हैं. हर क्षेत्र में एमपी तेजी से आगे बढ़ रहा हैं. टूरिज्म के क्षेत्र 13 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को प्रदेश में लाने में सफल हुए है. राजकोषिय घाटे को भी हमने संतुलित रखते हुए प्रदेश को विकसित बना रहे हैं. मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में भी काफी सुधार हुआ है. आर्थिक सर्वेक्षण के आंकडे बता रहे है कि वित्तिय अनुशासन के साथ हम तेजी आगे बढ रहे है. कल का बजट एक नवाचार के साथ आएगा. इसमें एक साल के साथ आगामी तीन साल के विकास की आउट लाइन भी होगी।
प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,69,050 रुपए हुई
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,69,050 रुपए हो गई है. पिछले साल यह 1,54,124 रुपए थी. यानी एक साल में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसी तरह सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) प्रचलित दरों पर 16,69,750 करोड़ रुपए आंका गया है, जो पिछले वर्ष के 15,02,428 करोड़ रुपए से 11.14 प्रतिशत अधिक है. स्थिर दरों पर वास्तविक वृद्धि 8.04 प्रतिशत रही।
बजट मध्य प्रदेश की समृद्धि का सूर्योदय
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, आज प्रस्तुत होने वाला वर्ष 2026-27 का बजट मध्य प्रदेश की समृद्धि का सूर्योदय है. निश्चय ही जनआकांक्षाओं को नई अभिव्यक्ति देने वाला यह गरीब के विश्वास, युवा के भविष्य, अन्नदाता की समृद्धि और नारी सशक्तिकरण के संकल्प की उन्नत दिशा तय करेगा. श्सबका साथ-सबका विकास के मंत्र और अंत्योदय के भाव के साथ यह बजट विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के अभ्युदय का साक्षी बनेगा।
एमपी: 4,38,317 करोड़ का बजट पेश, किसानों को 157000 करोड़, लाड़ली बहनों के लिए 23,800 करोड़ का प्रावधान
