रतलाम। मध्य प्रदेश के मालवा में बेमौसम बारिश और बिगड़े हुए मौसम की वजह से एक बार फिर किसान चिंता में पड़ गए हैं. पश्चिमी विक्षोभ का सर्वाधिक असर रतलाम, मंदसौर और नीमच जिले में देखने को मिल रहा है. मंदसौर के भानपुरा, दलोदा और रतलाम के ढोढर और जावरा क्षेत्र में क्षेत्र में हुई बारिश की वजह से किसानों की कटी हुई फसलों में नुकसान हुआ है. खासकर गेहूं, चना, सरसों और अफीम की फसल में किसानों को नुकसान होने की खबर आई है.
10 दिन पूर्व भी हुई बारिश एवं ओलावृष्टि से नीमच, मंदसौर और रतलाम जिले के कई गांव में फसल को नुकसान पहुंचा था जिसके बाद एक बार फिर बिगड़े मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. लसूडिया के किसान मांगू सिंह राठौड़ ने बताया कि, श्श्बारिश होने और हवा चलने की वजह से गेहूं की फसल खेत में गिर गई है. इससे फसल में नुकसान हुआ.श्श्
अफीम की फसल में चीरा लगाया, बारिश से खराब हुई
बेमौसम हो रही बारिश और बिगड़े हुए मौसम का सबसे ज्यादा असर अफीम की फसल पर देखने को मिल रहा है. इन दिनों अफीम की फसल में चीरा लगाने और अफीम कलेक्ट करने का काम चल रहा है. बोरखेड़ी गांव के किसान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि, श्श्फसल पर कल ही चीरा लगाया था और रात में बारिश हो गई जिसकी वजह से डोड़ों पर लगी हुई अफीम खराब हो रहीं. वहीं सरसों की और चने की फसल खेत में कटी हुई पड़ी है.श्श्
48 घंटे में हो सकती है हल्की बारिश
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पश्चिम मध्य प्रदेश के रतलाम मंदसौर और नीमच जिले में बादलों का जमावड़ा बना हुआ है. मौसम विभाग के जितेंद्र खराड़ी ने बताया कि, श्श्18 फरवरी से 19 फरवरी तक पश्चिम मध्य प्रदेश के तीनों जिलों में बूंदाबांदी या हल्की बारिश देखने को मिल सकती है. इस दौरान किसान अपने ऊपर जो कृषि मंडी में नहीं लेकर जाएं और फसल कटाई के कार्य को भी मौसम की स्थिति अनुसार संपादित करें.श्श्
बारिश से फसलें हुईं खराब
बहरहाल बेमौसम हो रही बारिश की वजह से किसानों को फसल में फायदा कम और नुकसान अधिक हो रहा है. खासकर अफीम उत्पादक किसानों के मुंह को आया निवाला छिनने की चिंता सता रही है. जनवरी के लास्ट सप्ताह में हुई बारिश के चलते किसानों की फसलें तबाह हो गई थीं. तब सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों को खेतों का सर्वे कर नुकसान का आंकलन करने के आदेश दिए थे।
मालवा में बिगड़े मौसम से रतलाम, मंदसौर और नीमच के अफीम उत्पादक किसान चिंतित
