ग्वालियर। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आयोजित चार दिवसीय “एडवांस्ड पैरा स्विमिंग कोचेस वर्कशॉप” का शनिवार को उपलब्धियों के साथ समापन हो गया। “बियॉन्ड द लेन्स” शीर्षक से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने भारत के पैरा-स्विमिंग परिदृश्य को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।
इस कार्यशाला का आयोजन भारतीय पैरालंपिक समिति द्वारा ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग के सहयोग से किया गया। यह पहल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेल क्षेत्र में बढ़ते सहयोग और समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम का नेतृत्व ‘स्विमिंग ऑस्ट्रेलिया’ के दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कोचों मार्टिन रॉबर्ट्स (दो बार के ओलंपियन) और नाथन डॉयल ने किया। पूरे भारत से आए 33 चयनित कोचों ने कार्यशाला में भाग लिया। प्रतिभागियों ने पैरा-स्विमिंग की तकनीकी जटिलताओं, एथलीट वर्गीकरण प्रणाली तथा प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी के आधुनिक तरीकों पर गहन समझ विकसित की। इससे पूर्व नई दिल्ली के तालकटोरा स्विमिंग पूल में आयोजित उद्घाटन सत्र का समन्वय के खेल विकास एवं प्रदर्शन निदेशक डॉ. मनीष राणा द्वारा किया गया था। समापन समारोह की अध्यक्षता पैरा स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने की। उन्होंने सभी 33 प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पैरा-एथलीटों के प्रदर्शन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत में पैरा-खेलों के भविष्य को नई दिशा देंगे और विश्व मंच पर देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को सुदृढ़ करेंगे।
एमपी: प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत में पैरा-खेलों के भविष्य को नई दिशा देंगेः देवेंद्र प्रताप तोमर
