श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सोमवार को ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या पर दुख और ईरान के साथ एकजुटता दिखाते हुए एक प्रस्ताव पास किया. एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष शौकत अहमद मीर द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव का श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में शोक सभा में मौजूद सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया।
बयान में कहा गया कि पार्टी के सांसदों और विधायकों ने भी दुख की इस घड़ी में ईरान के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की.बैठक की अध्यक्षता करते हुए, एनसी के महासचिव अली मोहम्मद सागर ने ईरान पर न्ै-इजराइली हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और उनके लिए दुआ की, जिसमें हमले में जान गंवाने वाली स्कूली छात्राएं भी शामिल थीं.
आधिकारिक बयान में कहा गया, ष्पार्टी के पदाधिकारियों ने ईरान में लोगों की दुखद मौत पर उनके प्रति अपनी गहरी सहानुभूति और संवेदना जताई और इस मुश्किल समय में उनकी सुरक्षा और ताकत के लिए प्रार्थना की।उन्होंने कहा कि बैठक में पार्टी के कई पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया.
28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और 40 से अधिक शीर्ष सैन्य नेता मारे गए थे. जवाबी कार्रवाई में, ईरान ने संघर्ष को व्यापक बनाते हुए खाड़ी क्षेत्र में इजराइल और अमेरिका से जुड़े सैन्य प्रतिष्ठानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें यूएई, कतर, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और जॉर्डन शामिल हैं.
कश्मीर में प्रदर्शन
अली खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर में लोगों ने प्रदर्शन किया. सोमवार को, कश्मीर में घाटी के मुख्य प्रचारक मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा, जिसके लीडर मीरवाइज उमर फारूक हैं, की अपील पर शटडाउन रहा. पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इस अपील का समर्थन किया. वहीं, प्रतिबंधों के बीच, सोमवार को दूसरे दिन भी घाटी के कई हिस्सों में खामेनेई की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए।
सोमवार सुबह-सुबह, अधिकारियों ने आगे के विरोध को रोकने के लिए श्रीनगर और दूसरे हिस्सों में पाबंदियां लगा दी थीं. प्रदर्शनकारियों को श्रीनगर के कमर्शियल हब लाल चौक तक पहुंचने से रोकने के लिए सड़कों और दूसरे बड़े चौराहों पर पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था.
मंगलवार को भी पाबंदियां जारी रहीं
प्रदर्शनों को रोकने के लिए कश्मीर में मंगलवार को दूसरे दिन भी पाबंदियां जारी रहीं, जबकि जम्मू के पुंछ में शटडाउन रखा गया. श्रीनगर और घाटी में अन्य जगहों पर, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लोगों की आवाजाही रोकने के लिए पाबंदियां लगाई हैं. जबकि शैक्षणिक संस्थान बंद हैं, घाटी में मोबाइल इंटरनेट स्पीड पर भी रोक लगा दी गई है।
सोमवार से इस इलाके में शैक्षणिक संस्थान दो दिनों के लिए बंद थे और स्थिति का जायजा लेने के बाद मंगलवार शाम को उनके दोबारा खुलने का फैसला किया जाएगा. रविवार से कई शिया बहुल इलाकों में विरोध प्रदर्शन होने के कारण पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं.
ईरान के साथ एकजुटता, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पास किया प्रस्ताव, खामेनेई को श्रद्धांजलि दी
