भोपाल। मध्य प्रदेश के सभी जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में राज्य सरकार ने बढ़ोत्तरी कर दी है. बढ़े हुए स्टाइपेंड का लाभ जूनियर डॉक्टरों को 1 अप्रैल 2025 से दिया जाएगा. उपमुख्यमंत्री डॉ. राजेन्द्र शुक्ला के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं. हाल ही में जूनियर डॉक्टर्स ने इसको लेकर भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एक दिन की हड़ताल की थी. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
अब कितना मिलेगा स्टाइपेंड!
स्टाइपेंड को लेकर हड़ताल के बाद उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जूनियर डॉक्टरों के हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में समाधान के निर्देश दिए थे. इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी किया गया है. प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर वृद्धि करते हुए 1 अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है.
2218 रुपए की हुई बढ़ोत्तरी
पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपए कर दिया गया है. द्वितीय वर्ष का 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपए किया गया है. तृतीय वर्ष का 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये किया गया है. इंटर्न का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपए किया गया है. सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के स्टाइपेंड को भी बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है. सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपए और जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है.
टेंट लगाकर ओपीडी लगाई थी डॉक्टर्स ने
सरकार के इस फैसले का सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे और सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों ने स्वागत किया है. गौरतलब है कि स्टाइपेंड की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स ने हमीदिया हॉस्पिटल परिसर में टेंट लगाकर ओपीडी का संचालन कर विरोध जताया था. आधे दिन चली हड़ताल के बाद उपमुख्यमंत्री ने डॉक्टर्स को चर्चा के लिए बुलाया था और उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिया था।
