श्रद्धालुओं ने परिसर के बाहर जमकर आतिशबाजी भी की
धार। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद धार स्थित भोजशाला में हिंदू समुदाय के लोग पूजा-पाठ करने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं. कोर्ट के निर्णय के बाद, आज पहले मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भोजशाला पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और यज्ञ कुंड में आहुतियां दीं. दर्शन के पश्चात श्रद्धालुओं ने परिसर के बाहर जमकर आतिशबाजी भी की।
मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भोजशाला पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया
आज मंगलवार होने के कारण सुबह से ही हिंदू समाज के लोग पूजा-पाठ के लिए भारी संख्या में एकत्रित हो रहे हैं. भोजशाला में एक श्महासत्याग्रहश् का भी आयोजन किया गया है. इसके तहत हिंदू समाज से आह्वान किया गया है कि वे अपने-अपने घरों से एक दीपक और पटाखे लेकर आएं, ताकि आतिशबाजी के साथ इस उत्सव को मनाया जा सके.
इस विशेष अवसर पर धार सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग माँ वाग्देवी (सरस्वती) के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी मुस्तैद किया गया है.
हाईकोर्ट ने भोजशाला को माना वाग्देवी मंदिर, हिंदुओं को पूजा का अधिकार
हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 15 मई 2026 को अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि भोजशाला परिसर हिंदू मंदिर है. भोजशाला का मूल स्वरूप संस्कृत शिक्षा का केन्द्र था. अदालत ने एएसआई सर्वे और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर यह फैसला सुनाया था. हाईकोर्ट ने कहा कि पुरातत्व एक विज्ञान है और कोर्ट वैज्ञानिक निष्कर्षों पर भरोसा कर सकती है. हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाली संरचनाओं का संरक्षण करे.
मध्य प्रदेश में लंबे समय से विवादों में रही धार की भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि भोजशाला एक संरक्षित स्मारक है और इसे वाग्देवी का मंदिर माना जाएगा।
