नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि मोदी सरकार के लिए पूरा देश एक प्रयोगशाला है। लोगों पर जबरदस्ती म्20 पेट्रोल थोपा जा रहा है। म्जींदवस से लोगों की गाड़ियां बंद पड़ रही हैं, पार्ट्स खराब हो रहे हैं और माइलेज गिर रहा है। इससे लोगों में बहुत ज्यादा गुस्सा है। उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि मैं प्रधानमंत्री जी को इस विषय पर चिट्ठी लिखने जा रहा हूं। आप सभी लोग मुझे बताइए कि मुझे चिट्ठी में क्या लिखना चाहिए।
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पोस्ट के साथ अपने वीडियो संदेश में कहा कि 20ः इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लेकर जनता में काफी नाराजगी है। 30 जून को केंद्र सरकार ने अटॉर्नी जनरल के जरिए सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि यह सिर्फ एक प्रयोग है और आगे की कार्रवाई नतीजों पर निर्भर करेगी। लेकिन, जब यह मामला मीडिया और प्रेस में आया, तो केंद्र सरकार पूरी तरह से पीछे हट गई। सरकार ने एक बयान जारी कर दावा किया कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा था और इन खबरों को गलत बताया।
1.4 अरब लोगों की आबादी प्रभावित
आप नेता ने कहा कि प्रयोग का मतलब आम तौर पर किसी चीज को सीमित स्तर पर आजमाना होता है, जैसे 100, 500 या 1,000 गाड़ियों पर। ऐसे ट्रायल के नतीजों के आधार पर यह तय किया जाता है कि इसे पूरे देश में लागू किया जाए या नहीं। फिर भी, आपने पूरे देश में सारी गाड़ियों के लिए इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल अनिवार्य कर दिया है, जिससे 1.4 अरब लोगों की आबादी प्रभावित हो रही है, और साथ ही आप यह भी दावा कर रहे हैं कि आप एक प्रयोग कर रहे हैं।
मुआवजा देगी सरकार!
उन्होंने मोदी सरकार से सवाल किया कि क्या आप उन लोगों को मुआवजा देंगे जिनकी गाड़ियां खराब हो रही हैं? लोगों के जनादेश का सम्मान करना, उनकी चिंताओं को सुनना और उनकी इच्छाओं के अनुसार काम करना आपकी जिम्मेदारी है। मैं आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे इस नीति को वापस लेने का आग्रह करूंगा।
गौरतलब है कि ई20 ब्लेंडेड पेट्रोल को पर्यावरण अनुकूल और आयात कम करने का विकल्प बताया जा रहा था, लेकिन विपक्ष और कई उपभोक्ता इसे बिना उचित तैयारी और इंफ्रास्ट्रक्चर के देशवासियों पर थोपा गया फैसला बता रहे हैं।
केजरीवाल का मोदी सरकार पर हमला, बोले- देश को बनाया प्रयोगशाला, पीएम मोदी को लिखेंगे पत्र
