ग्वालियर। ग्वालियर एसपी ऑफिस में उस वक्त हंगामा मच गया जब आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष मनीक्षा सिंह तोमर ने पुलिस अधीक्षक पर उनके और पार्टी कार्यकर्ताओं पर अभद्रता करने का आरोप लगा दिया.दरअसल मनीक्षा सिंह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट की एक घटना की शिकायत करने पुलिस अधीक्षक के पास पहुचीं थीं. उनका आरोप था कि ग्वालियर एसपी ने केबिन में उनके साथ शिकायत के लिए आए आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें केबिन से बाहर निकलने को कह दिया.
एसपी पर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता करने का आरोप
ग्वालियर के डबरा क्षेत्र में दो दिन पहले आम आदमी पार्टी के संगठन मंत्री और प्रदेश संयुक्त सचिव के खिलाफ मारपीट के मामले में क्रॉस एफआईआर की गई. इसका विरोध करने और मामले में जांच कर कार्रवाई के लिए आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष मनीक्षा सिंह तोमर कथित पीड़ितों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साढ़ ग्वालियर एसपी से मुलाकात करने पहुंची. लेकिन अचानक वे हंगामा करते हुए एसपी के चौंबर से बाहर आईं और कार्यालय के बाहर एसपी के वाहन के पास धरने पर बैठ गईं. इसके बाद सीएसपी, एएसपी समेत पुलिस के आला अधिकारियों ने उन्हें समझाइश देने की भी कोशिश की लेकिन वे नहीं हटीं.
बिना बात सुने एसपी ने ऑफिस से बाहर निकाला
मनीक्षा सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया, अपने डबरा के कुछ साथियों के साथ जिनके साथ मारपीट हुई है, हम यहां एसपी ऑफिस में ग्वालियर एसपी से मुलकात करने आए थे. इसके लिए बकायदा प्रक्रिया के तहत उनके दफ्तर में गए थे. उनके कान्स्टेबल से पूछकर उनके केबिन में आठ लोग अंदर गए. लेकिन अंदर उन्होंने जिस तरह का हमारे साथ व्यवहार किया, वह गलत है. उन्होंने कहा, यू गेट आउट फ्रॉम हियर. ये क्या तरीका है, हमने उनसे कहा- हम आम जनता हैं और हमें आपका समय चाहिए. तो वे बोलते हैं कि नहीं आप जाइए, सीएसपी से बात करिए. हमने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने फिर भी हमारी बात नहीं सुनी और सबको बाहर निकाल दिया।
सीएम मोहन यादव को दी सलाह
इस दौरान बात करते हुए मनीक्षा सिंह ने सीएम मोहन यादव को सलाह दी है कि वे अपने एसपी को तहजीब सिखाएं. उन्होंने कहा, मैं सीएम से बस एक ही रिक्वेस्ट करना चाहती हूं कि चाहे ग्वालियर का हो या मध्य प्रदेश का कोई और एसपी हो, इन सबको घमंड नहीं होना चाहिए. ये लोग आईएएस की तैयारी करके कलेक्टर, कमिश्नर इसलिए बनते हैं कि जनता के काम कर सकें. इन्हें एसी ऑफिस की जरूरत नहीं है, आप तो बाहर ही दरबार लगा लीजिए अगर अंदर नहीं सुन पाते हैं. सीएम से मैं कहना चाहूंगी कि कि थोड़ा ध्यान रखिए, आपको मुख्यमंत्री इसलिए नहीं बनाया कि आपके लोग यहां राज करें।
धरने पर बैठने के बाद आए एसपी, कार्रवाई का दिया आश्वासन
मनीक्षा सिंह का कहना है, एसपी ने साफ कह दिया कि वे उनकी बात नहीं सुनेंगे. जब तक हम यहां बाहर धरने पर नहीं बैठे वे बात सुनने बाहर नहीं आए. हालांकि बाद में उन्होंने आकर बकायदा हमारी बात सुनी और ये भी कहा कि जो भी पीड़ित लोग हैं उनके बयान किए जाएंगे और आगे कार्रवाई की जाएगी.ष् वहीं जब आधे घंटे तक चले इस हंगामे के बाद जब इस मामले पर एसपी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने जवाब देने से मना कर दिया।
