पानी पर पंजाब-हरियाणा में ठनी, भगवंत मान ने बुलाया सर्वदलीय बैठक

 

चंडीगढ़ । भाखड़ा नहर के पानी के बंटवारे को लेकर हरियाणा और पंजाब सरकार के बीच बड़ा टकराव शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के लिए आज सुबह 10 बजे पंजाब भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में केंद्र सरकार द्वारा पंजाब से कथित तौर पर छीने जा रहे पानी और बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) के दुरुपयोग तथा हरियाणा को दिए जा रहे अवैध पानी पर चर्चा होगी।
पंजाब सरकार का विशेष सत्र
इसके साथ ही, पंजाब सरकार ने सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया है. इस सत्र में पानी के मुद्दे पर एक प्रस्ताव लाने की तैयारी है. मुख्यमंत्री भगवंत मान इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि पंजाब के हितों की रक्षा की जा सके।
पंजाब सरकार ने बढ़ाई सतर्कता
पंजाब सरकार ने नंगल में भाखड़ा बांध की घेराबंदी कर दी है. पंजाब पुलिस ने बांध के कंट्रोल रूम की चाबी अपने कब्जे में ले ली है और किसी को भी बांध के पास जाने की अनुमति नहीं है. इस बीच, आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ में एक बैठक की, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे. बैठक के बाद आप के पंजाब प्रमुख अमन अरोड़ा ने घोषणा की कि कल शुक्रवार को सुबह 10 बजे पंजाब में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है और सोमवार को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान
नंगल डैम पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब पहले से ही पानी के संकट से जूझ रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब के बांध अपनी क्षमता से कम चल रहे हैं और पंजाब में धान का सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हरियाणा को उनसे कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि पंजाब का पानी पंजाबियों के लिए है और इसे किसी और को नहीं जाने दिया जाएगा. उन्होंने बीबीएमबी में पंजाब के 60 प्रतिशत हिस्सेदारी होने का दावा किया.
मुख्यमंत्री मान ने हरियाणा और राजस्थान में भाजपा सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ष्गुंडागर्दीष् की है और यह ष्तानाशाहीष् है. उन्होंने कहा कि हरियाणा को पानी देने का फैसला बहुमत से लिया गया था, लेकिन पंजाब ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिखकर बताया है कि वे 1700 क्यूसेक पानी की जरूरत बता रहे हैं जबकि वे इससे ज्यादा पानी दे रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा के लोगों का इसमें कोई दोष नहीं है.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का जवाब
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “चुनाव आ गए हैं, इसलिए श्आपश् सरकार भी यही करेगी. पंजाब के लोग यह समझ रहे हैं कि श्आपश् कब तक ऐसी गंदी राजनीति करेगी और कब विकास की राजनीति करेगी?” उन्होंने कहा कि पंजाब संतों की धरती है और यहां के लोग सबको पानी देते थे, खुशी से रहते थे, बिना किसी भेदभाव के. उन्होंने कहा कि हमें यहां के संतों से प्रेरणा लेकर काम करना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, ष्लोग हमें बुलाकर पीने का पानी देते हैं. आज तक इतिहास में पीने के पानी को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ. पंजाब हमारा बड़ा भाई है, दोनों में क्यों फर्क कर रहे हो. पंजाब मेरा घर है, क्या हम पंजाब नहीं जाएंगे? अगर पंजाब प्यासा रहा तो हम अपने हिस्से का पानी वहां के लोगों को देंगे. मान सरकार की वजह से हमारा पानी पाकिस्तान चला जाएगा।

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