भोपाल। देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. मध्य प्रदेश में भी एसआईआर का काम तेजी से जारी है. रविवार 30 नवंबर की शाम तक 5 करोड़ 33 लाख से ज्यादा लोगों के गणना पत्रकों को डिजिटल रूप में बदल दिया गया है. जो कुल प्रक्रिया का लगभग 93 प्रतिशत है. प्रदेश के 39 जिलों ने 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि 5 अन्य जिलों में भी 92 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश में कुल 5.73 करोड़ मतदाताओं को 65,014 बीएलओ द्वारा नाम जोड़ने के लिए फॉर्म बांटे गए थे. 23 नवंबर तक इनमें से 3.27 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके थे. हालांकि इस बीच लगातार बीएलओ की हो रही मौतों ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं. प्रदेश में अब तक 7 बीएलओ की मौतें हो चुकी हैं.
देवास में 26 ठस्व् और दो पटवारियों को नोटिस
मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि, प्रदेश में गणना पत्रकों के डिजिटलाइजेशन का कार्य तेज गति से जारी है. अभी तक मध्य प्रदेश के 6 जिलों अशोकनगर, नीमच, बैतूल, गुना, मंडला और सीहोर जिले ने एसआईआर का काम शत प्रतिशत पूरा कर लिया है. उन्होंने सभी शासकीय सेवकों और नागरिकों को धन्यवाद देते कहा कि यह उपलब्धि सभी के समन्वित प्रयास और अथक परिश्रम से ही संभव हुई है. रविवार 30 नवंबर शाम तक 5 करोड़ 33 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है, जो कुल कार्य का लगभग 93 प्रतिशत है।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 39 अन्य जिलों ने 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. इसके अलावा प्रदेश के 5 जिलों में 92 फीसदी से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है. निर्धारित समय से पहले ही कार्य पूर्णता की ओर है. इसी प्रेरणा और समन्वय से प्रदेश के सभी जिलों में शत-प्रतिशत कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
जबलपुर की स्नेहलता ने सबसे पहले हासिल किया लक्ष्य
स्नेहलता पटेल महिला बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर की पोस्ट पर हैं. उन्हें पनागर विधानसभा के 10 बूथों (52 से 61) की जिम्मेदारी मिली थी, जिनमें कुल 7706 मतदाताओं की जानकारी अपडेट करनी थी. स्नेहलता ने यह कार्य सबसे पहले पूरा कर जिले में मिसाल कायम की. जहां इनाम के तौर पर उन्हें शासन की ओर से एयर ट्रैवल का विशेष पुरस्कार मिला. उन्होंने पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा के तहत कान्हा और बांधवगढ़ की जॉय राइड का आनंद लिया. वहीं मैहर के ठस्व् विनोद सिंह ने समय से 14 दिन पहले ैप्त् का काम पूरा किया था. जिस पर एसडीएम ने सम्मान कर इनाम में दिया सरसी आइलैंड ट्रिप का टिकट दिया था.
जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में काम की रफ्तार धीमी
बात करें एसआईआर के सबसे धीमे काम की तो जबलपुर की पूर्व विधानसभा सीट पर सबसे धीमी गति से काम पूरा हो रहा है. यहां अब तक सिर्फ 59फीसदी डिजिटाइजेशन हो पाया है. एसआईआर का काम जारी है, लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है. यहां एक मामला ऐसा भी आया जहां एक भाजपा नेता ने कुछ नाम जोड़े जाने पर आपत्ति जताई है, लेकिन प्रशासन ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. स्थानीय नेताओं का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध न होना है, जिसे इलेक्शन कमीशन को सभी को उपलब्ध कराना चाहिए।
आखिर क्या है एसआईआर
एसआईआर यानी स्पेशल इंसेटिव रिवीजन मतदाता सूची को घर-घर जाकर अपडेट करने, गलतियों को सुधारने और डेटा को डिजिटाइज करने का प्रोसेस है. जिन मतदाताओं को फॉर्म नहीं मिले हैं, वे ईसीआई पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. बीएलओ का विवरण राज्य के सीईओ की वेबसाइट और राष्ट्रीय मतदाता खोज पोर्टल पर मिल जाता है।
एसआईआर की समय सीमा बढ़ाई गई
चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया की समय सीमा एक हफ्ते के लिए बढ़ा दी है. अब मतदाता सूची का संशोधन 11 दिसंबर तक किया जा सकेगा. ड्राफ्ट रोल अब 9 दिसंबर 2025 की जगह 16 दिसंबर 2025 को जारी होगा. दावे और आपत्ति की तारीखें भी बदलकर 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 कर दी गई हैं. मध्य प्रदेश के दमोह में एसआईआर का काम अंतिम चरण में है. यहां पर करीब 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
देवास में 26 बीएलओ और दो पटवारियों को नोटिस
देवास जिले का पूरा प्रशासनिक अमला छुट्टी, तीज, त्यौहार के बाद भी एसआईआर के कार्य में डटा हुआ है. विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही पर कलेक्टर के आदेश पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एसडीएम देवास द्वारा 26 बीएलओ और दो पटवारियों को नोटिस जारी किए गए हैं. जिसमें पटवारी मनीष शर्मा, अरुण जाटव और बीएलओ प्रमिला भण्डारी, वंदना देवरे सहित अन्य शामिल हैं. जवाब सही नहीं होने पर कलेक्टर द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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