इंदौर में दूषित पानी का कहर जारी, फिर भर्ती कराए गए 13 मरीज, 32 आईसीयू में

दूषित पानी के संक्रमण का शिकार लोगों की संख्या 1400 तक पहुंची, उनमें से 200 लोग अभी भी हैं एडमिट
इंदौर। भागीरथपुरा में जहां दूषित पानी पीने से 8 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं संक्रमण रोकने के सरकारी दावों के बावजूद यहां मरीजों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला जारी है. आज फिर यहां 13 लोगों की तबीयत बिगड़ गई है. जिन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. वहीं 32 मरीज पहले से ही आईसीयू में भर्ती हैं जबकि एक वेंटिलेटर पर है।
दरअसल इंदौर के भागीरथपुरा में 25 दिसंबर से ही दूषित पानी के संक्रमण का शिकार लोगों की संख्या करीब 1400 तक पहुंच गई है. जिनमें से 200 लोग अभी भी भर्ती हैं. हालांकि इस मामले में अब तक अधिकृत तौर पर आठ और अनौपचारिक तौर पर 9 मौतें बताई जा रही हैं. हालांकि संख्या इससे कहीं ज्यादा है, जिसे लेकर प्रशासन और राज्य शासन की पूरी व्यवस्था कटघरे में है।
फिलहाल भागीरथपुरा में संक्रमण रोकने के तमाम प्रयासों के बावजूद गुरुवार को फिर 13 मरीजों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. इसके अलावा कई मरीज ऐसे हैं जिन्हें घर पर ही रखकर इलाज किया जा रहा है. इसके अलावा पूरे इलाके में लोगों को क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस का घोल बांटा जा रहा है. आज मुख्यमंत्री के निर्देश पर एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे ने भी भागीरथपुरा की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने दूषित पानी पर पूरी तरह नियंत्रण के प्रयासों का भी अवलोकन किया. वहीं नगरीय प्रशासन मंत्री स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. वह आज फिर भागीरथपुरा पहुंचे जहां उन्होंने मृतकों के परिजनों को राज्य शासन की ओर से दी गई आर्थिक सहायता राशि 2 लाख के चेक वितरित किए. इस दौरान एक स्थान पर मृतक के परिजनों ने चेक लेने से इनकार कर दिया. दूषित पानी की सप्लाई पर विजयवर्गीय के समक्ष आपत्ति जताते हुए सहायता राशि का चेक लौटा दिया।
हालांकि आज तक की स्थिति पर विजय वर्गीय ने कहा, फिलहाल संक्रमण पर नियंत्रण के प्रयास जारी हैं, जिसके चलते 71 मरीज आज डिस्चार्ज हुए हैं. उन्होंने कहा, पहले 8 मौत होना बताया जा रहा था लेकिन क्षेत्र में आकर उन्हें 9 मौत होने की खबर मिली है. इसके बारे में जांच की जा रही है।
नहीं मिला दूषित पानी का स्रोत

इंदौर नगर निगम प्रशासन ने मंगलवार को ही क्षेत्र की पानी की टंकी के पास मौजूद पुलिस चौकी के शौचालय से पानी लीक होने और पानी की लाइन में उसकी सप्लाई होने के आधार पर दूषित पानी का स्रोत पता करने का दावा किया था. लेकिन इस पाइप से रिसाव को बंद करने के बाद भी स्थिति यथावत है. भागीरथपुरा में अभी भी नगर निगम की टीम पानी की लाइनों में ड्रेनेज की पाइपलाइन की कनेक्टिविटी की खोज में जुटी है. जिसके कारण मुख्य मार्ग पर गड्ढे करके लाइन लीकेज चेक किया जा रहा है. इस मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि एक लीकेज बंद करने के बाद भी पाइपलाइन में अन्य कहीं से लीकेज की गुंजाइश न रहे इसके लिए भी लाइन लीकेज चेक किए जा रहे हैं.
अब तक नहीं आई मेडिकल जांच रिपोर्ट
इंदौर में लगातार कई लोगों की मौत के बाद भी मरीजों की मेडिकल जांच रिपोर्ट खुद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अब तक नहीं मिली है. इस मामले में सीएमएचओ डॉ माधव हसानी का कहना है कि बीते 24 घंटे के दौरान मेडिकल कॉलेज द्वारा जांच रिपोर्ट नहीं दी गई है. अब बताया जा रहा है कि कल्चर रिपोर्ट आने में 24 घंटे और लगेंगे. हालांकि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरे मामले की वजह दूषित पानी को ही बता रहा है।

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