रतलाम।रतलाम के लुनेरा गांव में अवैध खनन को लेकर ग्रामीण और प्रशासन के बीच ठन गई है. यहां के प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर की पहाड़ी पर खदान ठेकेदार द्वारा अवैध खनन किया जा रहा था जिसे ग्रामीणों ने रुकवा दिया था.खनिज विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर अवैध खनन कर रहे वाहनों को जब्त किया था. लेकिन रातों-रात जब्त किए गए वहां भी छूट गए और खनन रोकने वाले ग्रामीणों पर ही बिलपांक थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई. जिसको लेकर अब ग्रामीण आक्रोशित हैं और खनिज विभाग के अधिकारियों पर रुपए लेकर मामला रफा-दफा कर देने का आरोप लगा रहे हैं।
रतलाम में अवैध खनन को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों में टकराव की स्थिति
ग्रामीणों की मांग है कि जब तक खनन माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती है और उनके खिलाफ दर्ज किए गए केस को वापस नहीं लिया जाता है तब तक लुनेरा गांव में किसी भी तरह का खनन नहीं करने दिया जाएगा।
दरअसल पूरे विवाद की वजह लुनेरा स्थित प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर की पहाड़ी पर खनन करने को लेकर है. यहां खनन करने के लिए खनिज विभाग द्वारा पहाड़ी के 100 मीटर के दायरे से बाहर 10 बीघा जमीन पर खनन की परमिशन दी गई थी. लेकिन खनन करने वाली कंपनी ने मंदिर के नजदीक 50 मीटर के दायरे के अंदर तक पहाड़ी की खुदाई कर दी. जिसे लेकर ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया था।
गांव के शैलेंद्र सिंह ने बताया कि खनिज विभाग के इंस्पेक्टर देवेन्द्र चिराग खुद मौके पर पहुंचे थे और अवैध खनन करना पाया गया था. मौके पर पंचनामा बनाकर डंपर और जेसीबी भी जब्त की गई थी. लेकिन महज 4 घंटे में बिलपांक थाने से जब्त किए गए वाहन छोड़ दिए गए और विरोध करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया गया. मानवेंद्र सिंह ने बताया कि उनके सहित तीन लोगों पर बिलपांक थाने में रातों-रात प्रकरण दर्ज कर लिया गया. इस मामले में खनिज विभाग, प्रशासन और पुलिस ने अन्यायपूर्ण कार्रवाई की है और खनन माफिया को पहाड़ी पर अवैध खनन की खुली छूट दे दी है।
इस मामले में खनिज विभाग के इंस्पेक्टर देवेंद्र चिराग ने बताया ष्9 फरवरी को ग्रामीण द्वारा विरोध किए जाने की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया था और वाहन जब्त कर कार्यवाही वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी में लाई गई थी. जिसके बाद खनन की परमिशन से संबंधित दस्तावेज खान ठेकेदार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध करवाए गए थे।
ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए खनन माफियाओं से मिलीभगत के आरोप
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि खनन ठेकेदार द्वारा निर्धारित परमिशन के स्थान को छोड़कर पंचमुखी हनुमान मंदिर के समीप अवैध खनन किया जा रहा है. इस मामले में जिला खनिज अधिकारी नीना पाठक से जानकारी लेने के लिए संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया गया. बहरहाल इस मामले में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि फर्जी प्रकरण वापस नहीं लिए गए और खनन नहीं रोका गया तो इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खनन नहीं होने देंगे।
एमपी: खनन रुकवाने पर ग्रामीणों पर ही कर दी एफआईआर, रतलाम में ग्रामीण और प्रशासन आमने-सामने
