मांडवा में 100 करोड़ की अफीम की फसल जब्त की,एएनटीएफ ने की कार्रवाई

जयपुर। राजस्थान में नशे का काला कारोबार करने वालों पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) लगातार शिकंजा कस रही है. बीते 24 घंटे में एएनटीएफ ने प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में एएनटीएफ ने छह कार्रवाइयों को अंजाम दिया है. इनमें दो बड़ी कार्रवाई उदयपुर और जालौर में की गई. उदयपुर में करीब 50 बीघा में अवैध रूप से अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया गया. जबकि जालौर जिले में सिंथेटिक ड्रग एमडी बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश कर एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
आईजी विकास कुमार ने बताया, नशे के काले कारोबार के खिलाफ इस मुहिम में प्रदेश के लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. लोग आगे आकर नशे की तस्करी और सौदागरों के बारे में जानकारी दे रहे हैं. पिछले 24 घंटे में एएनटीएफ की टीम ने छह कार्रवाई कर सिक्स लगाया है. इनमें दो कार्रवाई अहम हैं. जिन्हें ऑपेरशन अन्तःस्फोट और ऑपेरशन विष सर्जन नाम दिया गया.
ऑपेरशन अन्तःस्फोट-अफीम के 7 लाख पौधे जब्त- उन्होंने बताया कि ऑपेरशन अन्तःस्फोट के तहत उदयपुर जिले के मांडवा में दबिश देकर अवैध रूप से लगाए गए अफीम के करीब 7 लाख पौधे जब्त किए गए हैं. यहां 50 बीघा में अफीम की अवैध खेती की जा रही थी. इनसे करीब एक हजार किलो अफीम और 188 क्विंटल डोडा-चूरा का उत्पादन होता. जिनकी अनुमानित कीमत करीब 100 करोड़ रुपए है. उन्होंने बताया कि यहां 50 बीघा जमीन में अवैध रूप से अफीम उगाई गई थी।
30 बीघा में खड़ी फसल काटी- वे बोले, लंबे समय से नशे के तस्करों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी. इस मौसम में तस्कर अफीम की खरीद करते हैं. इस दौरान सामने आया कि उदयपुर के मांडवा इलाके में कई तस्करों की आवाजाही हो रही है, तो एएनटीएफ ने सर्वेक्षण शुरू किया. सात दिन तक निगरानी के बाद इस मामले का खुलासा हुआ. हालांकि, इस दौरान तस्करों को भनक लगी, तो 30 बीघा में फैली अफीम की फसल उन्होंने काट ली और डोडे अलग कर लिए. इस जगह पर एनसीबी की टीम भी पहुंच गई है।

15 करोड़ का नशे का सामान जब्तः वहीं, ऑपेरशन विष सर्जन के तहत बागोड़ा (जालौर) में दबिश देकर एमडी फैक्ट्री लगाने का सामान और उपकरण जब्त किए गए हैं. इस कार्रवाई में करीब 400 लीटर केमिकल जब्त किया गया है. जब्त केमिकल और उपकरणों की कीमत करीब 15 करोड़ रुपए आंकी गई है. इस जगह एमडी की फैक्ट्री लगाने की साजिश थी. वे बोले, कई तस्करों ने अफीम और डोडा-चूरे का धंधा छोड़कर एमडी का कारोबार शुरू कर लिया है. क्योंकि इसमें मुनाफा ज्यादा है.
कबाड़ियों से मिला अहम सुरागः कबाड़ियों को एएनटीएफ ने मुखबिर बनाया और उनसे जानकारी मिली कि एक जगह से उन्हें खाली ड्रम मुफ्त में दिए जा रहे हैं. जिसके आधार पर एएनटीएफ इस जगह पहुंची. यहां जो सामग्री मिली है. उससे 50 किलो एमडी तैयार हो सकती है. पड़ताल में सामने आया कि कच्चा माल गुजरात और जोधपुर से लाया जाता. एएनटीएफ ने ओमप्रकाश नाम के तस्कर को गिरफ्तार किया है. पुराने अनुभव के साथ ही इसने गूगल पर देखकर एमडी बनाने का तरीका सीखा. इसने नया पार्टनर तलाश कर नई जगह एमडी बनाने की फैक्ट्री लगाने की फिराक में था.
इन चार स्थानों पर भी हुई कार्रवाईः डीडवाना कुचामन जिले के मकराना में 1.220 किलो गांजा, 5.67 ग्राम स्मैक और दो लाख से अधिक की नकदी बरामद की गई है. एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 1.75 लाख रुपए है. वहीं, चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया में 2.350 किलो अफीम बरामद कर एक मोटर साइकिल जब्त की गई है. जब्त अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 लाख रुपए है. तस्करी के आरोप में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, बाड़मेर में 99 ग्राम एमडी के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. जब्त एमडी की कीमत करीब 3 लाख रुपए है. जबकि बिलाडा (जोधपुर) में 254.62 किलोग्राम डोडा-चूरा जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. नशे की तस्करी में प्रयुक्त एक कार को भी एएनटीएफ ने जब्त किया है।

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