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एमपी हाईकोर्ट से सोम डिस्टिलरीज को बड़ा झटका, आबकारी विभाग के 8 लाइसेंस निरस्त करने को बताया सही

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज कंपनी के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है. इस कंपनी पर फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट बनाकर टैक्स चोरी का बड़ा आरोप है. आबकारी विभाग ने कंपनी के 8 आबकारी लाइसेंस निरस्त कर दिए थे. इसी मामले को सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज कंपनी की ओर से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. लंबी सुनवाई के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल ने 32 पेज में अपना निर्णय सुनाया।
सोम डिस्टिलरीज के 8 लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय सही
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एडिशनल एडवोकेट जनरल हरप्रीत रूपराह ने बताया कि ष्मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल ने सोम डिस्टिलरीज और ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड और सरकार के बीच चल रहे कोर्ट के मामले में फैसला देते हुए कहा है कि सोम डिस्टिलरीज पर सरकार की ओर से जो कार्रवाई की गई वह सही है. सोम डिस्टिलरीज के आबकारी से जुड़े 8 लाइसेंस निरस्त कर दिये हैं. कोर्ट ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करना गलत है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में 32 पेज का ऑर्डर दिया है।
सोम डिस्टिलरीज पर टैक्स चोरी का बड़ा आरोप
बीते दिनों मध्य प्रदेश सरकार के आबकारी आयुक्त ने सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस को निरस्त कर दिया था. सोम डिस्टिलरीज पर आरोप है कि फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट के आधार पर सोम डिस्टिलरीज ने टैक्स की बड़ी चोरी की है. इस बात की जांच पहले ही पूरी हो चुकी थी और इस मामले में सोम डिस्टिलरीज के कई कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हुए थे.
इसके साथ ही आबकारी विभाग के कई अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई तय हुई थी लेकिन बीच में सोम डिस्टिलरीज को हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी. इस वजह से सोम डिस्टिलरीज की फैक्ट्री चल रही थी लेकिन अब कोर्ट ने आबकारी विभाग की कार्रवाई को सही माना है और सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है.
दो जजों ने मामले की सुनवाई से खुद को किया था अलग
यह मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में काफी चर्चा में रहा है क्योंकि सोम डिस्टिलरीज की ओर से इस मामले की हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी. सबसे पहले यह मुकदमा जस्टिस विशाल मिश्रा की कोर्ट में लगा था, उन्होंने इस मामले से खुद को अलग कर लिया था. इसके बाद यही मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप एन भट्ट की कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था लेकिन उन्होंने भी इस मामले को सुनने से इनकार कर दिया था.
इसके बाद इस मामले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की कोर्ट में लगाया गया. जस्टिस विवेक अग्रवाल ने मामले को सुना और आबकारी विभाग की कार्रवाई को सही मानते हुए सोम डिस्टिलरीज के शराब निर्माण से जुड़े हुए आबकारी के 8 लाइसेंस निरस्त कर दिए थे.
एमपी में शराब उत्पादन करने वाली सबसे बड़ी फैक्ट्री
सोम डिस्टिलरीज मध्य प्रदेश में शराब उत्पादन करने वाली सबसे बड़ी फैक्ट्री है. मध्य प्रदेश में सप्लाई होने वाली ज्यादातर शराब सोम डिस्टिलरीज की कंपनी ही करती थी. इस फैक्ट्री के बंद हो जाने के बाद शराब की सप्लाई में असर पड़ेगा. सोम डिस्टिलरीज कंपनी मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है. यह कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड है जहां इसकी मार्केट वैल्यू लगभग 1400 करोड़ रुपए से ज्यादा है. यह कंपनी बाजार में प्रचलित शराब के कई मुख्य उत्पाद बनाती है।

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