नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वेदांता ग्रुप से जुड़े दिल्ली और मुंबई के दो ठिकानों पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए की गई है. प्रवर्तन निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के तहत चल रही जांच के सिलसिले में तलाशी ली है.
जांच का कारण
अधिकारियों के मुताबिक, यह छापेमारी ग्रुप की कंपनियों द्वारा अपनी मुख्य (पैरेंट) कंपनी को किए गए ब्रांड फीस भुगतानष् के आरोपों से जुड़ी है. जांच एजेंसी ने फेमा के नियमों के तहत इन लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड इकट्ठा किए हैं. एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई सोमवार को शुरू हुई थी और अब पूरी हो चुकी है।
रिकॉर्ड की समीक्षा
अधिकारी इस भुगतान से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और समझौतों की जांच कर रहे हैं. जांचकर्ता इस बात का पता लगा रहे हैं कि ब्रांड के इस्तेमाल के लिए जो भुगतान किए गए, क्या वे विदेशी मुद्रा नियमों के मुताबिक थे या नहीं.
कंपनी का पक्ष
वेदांता ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा है कि वे जांच अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि कंपनी सभी नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है. वेदांता ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा, ष्हम जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं. हमारी कंपनी सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अब आगे क्या
सूत्रों के हवाले से छापेमारी की कार्रवाई खत्म हो चुकी है. अधिकारी अब इस मामले में आगे कदम उठाने से पहले तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और रिकॉर्ड का विश्लेषण करेंगे. इस मामले में अभी और जानकारी आना बाकी है क्योंकि जांचकर्ता इकट्ठा की गई सामग्रियों की समीक्षा कर रहे हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने अभी तक इन छापों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
वेदांता कंपनी के बारे में जानें
वेदांता लिमिटेड मेटल, जरूरी मिनरल और टेक्नोलॉजी का एक लीडिंग ग्लोबल प्रोड्यूसर है. कंपनी के ऑपरेशन भारत, अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और ईस्ट एशिया में हैं. कंपनी के बोर्ड ने हाल ही में वेदांता कंपनियों के डीमर्जर को मंजूरी दी है, जिन्हें चार एंटिटी के तौर पर लिस्ट करने का प्लान है. वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड , तलवंडी साबो पावर लिमिटेड , माल्को एनर्जी लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की ओर से दायर जनहित याचिका में शिकायतकर्ता छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का ऑफलाइन पुनर्मूल्यांकन और भौतिक सत्यापन करने का अनुरोध किया गया है. कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ आठ जून को मामले की सुनवाई कर सकती है।
वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर ईडी की छापेमारीः ब्रांड फीस भुगतान मामले में दिल्ली-मुंबई समेत चार ठिकानों पर दबिश
