नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति भी इन दिनों काफी गर्मा गई है. जानकारी के मुताबिक शिवसेना (यूबीटी) ने आज गुरुवार को पुराने संसद भवन में पार्टी सांसदों की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें सिर्फ तीन सांसद ही पहुंचे. बाकी के 6 सांसद गायब रहे. यह बैठक 11 बजे बुलाई गई थी.
बागी सांसदों ने पार्टी की इस मीटिंग से दूरी बनाई. वहीं, बैठक में शामिल होने वाले सांसदों में राज्यसभा सदस्य संजय राउत के अलावा लोकसभा सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे शामिल हैं. बैठक के बीच संजय राउत ने कहा कि जो सांसद बैठक में शामिल होंगे वे हमारे हैं और जो शामिल नहीं हुए हैं वे बेईमान और गद्दार हैं. शिवसेना (न्ठज्) ने अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया था, जिसमें उन्हें दिल्ली में पार्टी के पार्लियामेंट ऑफिस में एक जरूरी मीटिंग में शामिल होने का निर्देश दिया गया था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें भरोसा है कि पार्टी के सभी सांसद मीटिंग में आएंगे, तो अरविंद सावंत ने थम्स अप करके जवाब दिया. इस बीच, दिल्ली में पार्टी सांसद अरविंद सावंत के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा कि शिंदे की शिवसेना कब से असली शिवसेना बन गई? असली शिवसेना यहीं है. जहां ठाकरे वहां शिवसेना.
शिवसेना में दलबदल की कोशिशों की अफवाहों पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए, राउत ने कड़े लहजे में कहा कि जो लोग कथित तौर पर पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें चुनौती दी. उन्हें लगता है कि उन्होंने यह एक बार किया है. मैं उनसे कहूंगा, करके दिखाओ. आपको नहीं तोड़ेंगे ना तो हमारे बाप का नाम नहीं बताएंगे. हमारे बाप का नाम बालासाहेब ठाकरे है. क्या आप लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहे हैं? क्या आपके पास इतना पैसा है? आप ईडी (म्क्)- सीबीआई (ब्ठप्) से किसे धमका रहे हैं? हमें? हम पहले भी जेल जा चुके हैं और हम फिर से जेल जाने के लिए तैयार हैं, लेकिन मैं आपको सबक सिखाकर ही जेल जाऊंगा।
6 सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने गुरुवार को घोषणा की कि वह अपने छह सांसदों को पार्टी व्हिप का कथित तौर पर उल्लंघन करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करेगी, और उनसे कोई जवाब न मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी. यह ताजा घटनाक्रम तब हुआ जब लोकसभा के नौ सांसदों में से छह ने उद्धव ठाकरे की पार्टी द्वारा बुलाई गई मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया.
मीटिंग में शामिल न होने वाले सांसदों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो सांसद मीटिंग में शामिल नहीं हुए हैं, हम मानते हैं कि यह पार्टी व्हिप का उल्लंघन है और उन पर एक्शन लिया जा रहा है. हम उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे और उनसे जवाब मांगेंगे. राउत ने साफ कहा कि जवाब न मिलने पर, पार्टी उन लोकसभा सांसदों की मेंबरशिप कैंसिल करने की मांग करेगी. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनकी पार्टी के छह सांसदों को ष्गद्दारष् बताते हुए निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस बार की बेईमानी एकनाथ शिंदे और इन सांसदों को बहुत महंगी पड़ेगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी कोर्ट जाएगी, राउत ने कहा कि हम देखेंगे. अगर कोर्ट ने फैसला दिया होता, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती. सत्तारूढ़ बीजेपी पर हमला करते हुए, पार्टी के सीनियर लीडर ने कहा कि जिस तरह से बीजेपी ने भारत में, खासकर महाराष्ट्र में (पॉलिटिक्स में) गंदगी बढ़ाई है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. राउत ने आगे बताया कि पार्टी चीफ ने मीटिंग के बारे में बताया है. उन्होंने कहाकि उद्धव जी को मीटिंग के बारे में जानकारी दी गई थी. पूरी पार्टी एक साथ खड़ी है।
बता दें कि बुधवार को सावंत ने पार्टी में फूट की चर्चा के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक लेटर लिखा था. अपने लेटर में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) एक पॉलिटिकल पार्टी है और कानून की नजर में वैसी ही रहेगी.
सावंत ने कहा कि संसदीय पार्टी का वजूद पूरी तरह से राजनीतिक पार्टी पर निर्भर करता है और वह उसी के एक हिस्से के तौर पर काम करती है. संवैधानिक ढांचे में सदन के अंदर एक ही राजनीतिक पार्टी को रिप्रेजेंट करने का दावा करने वाली कई प्रतिस्पर्धी पार्टियों के वजूद की कल्पना नहीं की गई है. इसलिए, संसद में सिर्फ एक अधिकृत पार्टी लीडरशिप, एक मान्यता प्राप्त पार्टी व्हिप, और राजनीतिक पार्टी और उसके सक्षम अंगों के अधिकार के तहत काम करने वाला एक मान्यता प्राप्त पार्टी स्ट्रक्चर हो सकता है.
बागी सांसदों की बढ़ाई गई सुरक्षा
संजय राउत के तीखे और धमकी भरे बयान के बाद महाराष्ट्र सरकार ने तुरंत अलर्ट मोड पर आते हुए बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ा दी है. पार्टी सूत्रों के अनुसार संजय जाधव के परभणी स्थित घर और दफ्तर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. वहीं संजय देशमुख (यवतमाल) के आवास पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है .अन्य बागी सांसदों के घरों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जा रहा है.
महाराष्ट्र गृह विभाग ने डीजीपी को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं. यह कदम 2022 की शिंदे बगावत की याद दिलाता है, जब बागी विधायकों को वाई प्लस सुरक्षा प्रदान की गई थी.
उधर सूत्रों की माने तो बागी सांसदों को दिल्ली से अलग अलग स्थान पर भेज दिया गया है. वहीं, शिंदे गुट और भाजपा ने संजय राउत की भाषा की तीखी निंदा की है. बागी सांसद फिलहाल दिल्ली में शिंदे गुट के नेताओं के संपर्क में बताए जा रहे हैं. स्थिति तेजी से बदल रही है और इस घटनाक्रम से महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है. उधर सूत्रों की माने तो बागी सांसदों को दिल्ली से अलग-अलग स्थान पर भेज दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक एक सांसद को सड़क मार्ग से अयोध्या दर्शन करने, तो एक सांसद को काशी विश्वनाथ, वहीं एक सांसद को प्लेन से तिरुपति के दर्शन करने भी भेजा गया है. बाकी सांसद भी अलग अलग जगह भेजे गए हैं।
