नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। सत्ता प्रतिष्ठान के शीर्ष स्तर से मिल रहे संकेतों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बदलाव कभी भी किया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले या जुलाई के दौरान हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव के साथ-साथ भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का भी ऐलान किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व ने नई टीम की सूची लगभग अंतिम रूप दे दिया है, जिसमें संगठन में युवा चेहरों को अहम जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
संगठन और सरकार में हो सकता है बड़ा बदलाव
सूत्रों के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष ने पिछले सप्ताह कुछ केंद्रीय राज्य मंत्रियों के साथ भी बैठक की थी। संभावना है कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी दी जाए, जबकि भाजपा संगठन के कुछ पदाधिकारियों को मोदी सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव की भी चर्चा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम भी चर्चाओं में है। छम्म्ज् पेपर लीक और ब्ठैम् की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से जुड़े विवादों के बाद उनके मंत्रालय को लेकर सवाल उठे हैं।
जुलाई में हो सकता है फैसला
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यस्त विदेशी दौरे को देखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय की जाएगी। प्रधानमंत्री 27 से 29 जून तक सेशेल्स दौरे पर हैं। इसके बाद 6 से 11 जुलाई के बीच इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा भी प्रस्तावित है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची 1 से 3 जुलाई तक भारत दौरे पर रहेंगी। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इन कार्यक्रमों के बीच जुलाई में किसी समय मंत्रिमंडल फेरबदल हो सकता है।
चुनावी राज्यों पर रहेगा विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार, अगले वर्ष उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन राज्यों से अधिक प्रतिनिधित्व मंत्रिमंडल में देखने को मिल सकता है। पश्चिम बंगाल में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन के बाद वहां के कुछ सांसदों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) छोड़कर एनडीए के साथ आए कुछ नेताओं को भी मंत्री बनाया जा सकता है, हालांकि यह फैसला दल-बदल कानून से जुड़े मामलों पर लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय के बाद ही संभव होगा।
वन मैन, वन पोस्टश् नियम लागू होने के संकेत
केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को क्रमशः उत्तर प्रदेश और दिल्ली भाजपा की जिम्मेदारी मिल चुकी है। ऐसे में भाजपा के वन मैन, वन पोस्ट सिद्धांत के तहत उनके मंत्रिपद छोड़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इस्तीफा दे चुके हैं। दूसरी ओर रवनीत सिंह बिट्टू अभी मंत्री बने हुए हैं, लेकिन उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव पर फोकस करने की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है।
राज्यपाल पदों पर भी हो सकती है नियुक्तियां
सूत्रों के अनुसार, जिन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाएगा, उनमें से कुछ को राज्यपाल बनाया जा सकता है। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का कार्यकाल आने वाले महीनों में पूरा होने वाला है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े फैसलों को अंतिम समय तक गोपनीय रखते हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर वास्तविक स्थिति आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
मोदी सरकार में जल्द हो सकता है बड़ा कैबिनेट फेरबदल, कई मंत्रियों के विभाग बदलने की चर्चा
