नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस ने कहा कि भाजपा-आरएसएस खुद को इस मामले से अलग नहीं कर सकते और भगवान राम के भक्त उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।
यहां पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की नेता आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों की देखरेख में राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का बड़ा पाप किया गया है.इस मामले पर आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ष्आरएसएस के लोग सिर्फ टेलीप्रॉम्प्टर से संदेश पढ़कर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते. भाजपा-आरएसएस ने जिस तरह राम भक्तों को धोखा दिया है, उससे पूरे देश को ठेस पहुंची है. ये लोग भगवान राम के पुजारी नहीं, बल्कि व्यापारी हैं।
होसबाले ने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर में चंदे की चोरी ने पूरे समाज की भावनाओं और आस्था को ष्गहरी ठेसष् पहुंचाई है, और उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की थी.
कांग्रेस नेता ने कहा, ष्राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी पर केवल दुख जताकर आरएसएस इस बड़े पाप से खुद को अलग नहीं कर सकता. आज आरएसएस, जो खुद को इस बड़ी चोरी से अलग दिखाने की कोशिश कर रहा है, उसे यह साफ करना चाहिए कि क्या चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव आरएसएस से नहीं जुड़े हैं? इन लोगों के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई है?
यह आरोप लगाते हुए कि राम मंदिर हमेशा से भाजपा के लिए एक चुनावी मुद्दा रहा है, जिसका निर्माण अंततः सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ, उन्होंने कहा, ष्भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती. राम मंदिर में चढ़ावे के करोड़ों रुपये चोरी हो गए, लेकिन ईडी, आईटी और सीबीआई कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं.ष्
मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर में चंदे की चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए कर्मचारी वही छोटे कर्मचारी हैं, जिन्हें खुद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने काम पर रखा था. कांग्रेस नेता ने कहा, ष्ऐसी स्थिति में, चंदे की चोरी के बाद इन छोटे कर्मचारियों पर तो जांच की गई, लेकिन शीर्ष (ऊंचे पदों) पर बैठे लोगों को छोड़ दिया गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ष्इतना बड़ा पाप हो गया, फिर भी नरेंद्र मोदी चुप हैं.उन्होंने आगे कहा, ष्आज सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि भाजपा के लोग भी यह मान रहे हैं कि इस लूट में आरएसएस के लोग शामिल हैं. राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से पहले जमीन घोटाला किया गया और लोगों ने अपनी जेबें भरीं. भाजपा-आरएसएस आज मगरमच्छ के आंसू बहाकर इस मामले से खुद को अलग करना चाहती है, लेकिन भगवान राम के भक्त और अयोध्या के निवासी उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कहा, ष्जैसा कि सामने आया है, न केवल राम मंदिर के लिए मिलने वाले चंदे को लूटा गया, बल्कि 40ः तक कमीशन भी वसूला गया. जब यह माफिया ठीक नाक के नीचे काम कर रहा था, तब उत्तर प्रदेश की डबल-इंजन पुलिस सोती रही।
सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने लिखा, ष्जब मुख्यमंत्री एक योगी हों, तो आप उनसे श्राजधर्मश् के उच्चतम मानकों का पालन करने की उम्मीद करते हैं, जैसा कि (अटल बिहारी) वाजपेयी जी कहते थे. मंदिर, मंदिर ट्रस्ट और करोड़ों भक्तों की आस्था की रक्षा करना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए थी. अफसोस, ऐसा नहीं हुआ. अब यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि वह किस तरह के योगी हैं, जो एक मंदिर को भी भ्रष्टाचार से नहीं बचा सकते?
