नई दिल्ली। टीएमसी की ओर से ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक का चेहरा बनाने की मांग क्या उठी, सियासी घमासान तेज हो गया। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने ममता बनर्जी को प्छक्प्। ब्लॉक का फेस बनाने के विचार पर सवाल खड़े कर दिए। पूरा मामला टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद के एक बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बड़ा कोई नेता नहीं है। उन्हें इंडिया ब्लॉक का नेता होना चाहिए। आने वाले समय में वह प्रधानमंत्री भी बनेंगी। टैगोर ने इस सुझाव पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह एक अच्छा मजाक है। पूरा मामला प्छक्प्। गठबंधन में नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान का हिस्सा है।
कीर्ति आजाद ने लिया ममता बनर्जी का नाम
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि ममता बनर्जी के पास बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकदम सही रिकॉर्ड है। ममता बनर्जी का रिकॉर्ड शानदार है। जब भी नरेंद्र मोदी को हार का सामना करना पड़ा है तो वह हमेशा पश्चिम बंगाल में ही हुआ है। हाल के उपचुनावों में भी, जहां बीजेपी के पास एक सीट थी और हमारे पास पांच, ममता दीदी ने छक्का मारकर बीजेपी को पश्चिम बंगाल की सीमा से बाहर कर दिया। हर बार बीजेपी की कोशिश ममता बनर्जी को घेरने की होती है। हालांकि, उन्हें झटका लगता है। हर बार टीएमसी की सीटें बढ़ जाती हैं।
बांग्लादेश के मुद्दे पर आजाद ने केंद्र को घेरा
बांग्लादेश की स्थिति पर भी कीर्ति आजाद ने रिएक्ट किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बांग्लादेश में गंभीर हालात के बावजूद कुछ नहीं कहा है। उन्होंने आगे ये भी जोड़ा कि अगर भारत सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो संयुक्त राष्ट्र को अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए, चाहे वे कहीं भी हों। ममता बनर्जी सिर्फ एक नेता नहीं हैं बल्कि पश्चिम बंगाल के हर घर में मौजूद एक आंदोलन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ममता सबको साथ लेकर चलती हैं।
इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को लेकर घमासान
कीर्ति आजाद ने कहा कि ममता दीदी ऐसी हैं जो सभी को साथ लेकर चलती हैं। वह लोगों को बैठकों के लिए बुलाने से पहले पूरी तैयारी करती हैं। कई बार इमरजेंसी बैठकें होती हैं, लेकिन वह सुनिश्चित करती हैं कि उनके सभी लोगों को सम्मान के साथ आमंत्रित किया जाए और अपने सहयोगियों के साथ बातचीत करें। टीएमसी, विपक्षी प्छक्प्। गठबंधन में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। वह चाहती है कि गठबंधन में उसकी भी सुनी जाए, जबकि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है और इसलिए विपक्ष का नेतृत्व करती है।
टीएमसी-कांग्रेस आए आमने-सामने
हरियाणा और महाराष्ट्र में कांग्रेस की हालिया चुनावी हार और बंगाल उपचुनावों में टीएमसी की जीत ने क्षेत्रीय पार्टी को कांग्रेस से अलग राह अपनाने के लिए प्रेरित किया है। इससे पहले, डट। के खराब प्रदर्शन का जिक्र करते हुए, टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा था कि नेता के अभाव में पूरा गठबंधन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। आज, अगर हम वास्तव में बीजेपी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ना चाहते हैं, तो प्छक्प्। गठबंधन को मजबूत होना चाहिए। इसे हासिल करने के लिए, एक निर्णायक नेता आवश्यक है। अब मुख्य सवाल यह है कि वह नेता कौन होगा?
टीएमसी से बढ़ा ममता का नाम तो कांग्रेस पलटवार
कल्याण बनर्जी ने बीजेपी और पीएम मोदी को चुनौती देने के लिए ममता बनर्जी को एक संभावित दावेदार के रूप में इशारा करते हुए अपनी बात रखी। हालांकि, अब पूरे मामले पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर का बयान आया है। उन्होंने ममता बनर्जी को विपक्ष का नेता बनाने के विचार को सिरे से खारिज कर दिया है। यह घटनाक्रम प्छक्प्। गठबंधन के भीतर चल रही उठापटक को उजागर करता है। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते नेतृत्व का दावा करती है, जबकि अन्य दल भी अपनी महत्वाकांक्षाएं रखते हैं।
कांग्रेस-टीएमसी में कौन मारेगा बाजी
टीएमसी का मानना है कि ममता बनर्जी का बीजेपी के खिलाफ मजबूत रिकॉर्ड उन्हें इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व के लिए उपयुक्त बनाता है। हालांकि, कांग्रेस इस विचार से सहमत नहीं है। आने वाले समय में गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर और तकरार देखने को मिल सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिरकार कौन सा दल बाजी मारता है। प्छक्प्। गठबंधन की सफलता इसी बात पर निर्भर करेगी कि वे आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर चुनाव लड़ पाते हैं या नहीं।
कांग्रेस-टीएमसी में खिंची तलवारें,ममता को इंडिया ब्लॉक का फेस घोषित करने की मांग
