पटना । बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद आज एनडीए विधायक दल की बैठक हुई. बैठक में नीतीश कुमार को सभी पांचो दल के विधायकों ने नेता चुन लिया है. विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधान मंडल दल की बैठक हुई. जिसमें सर्व सम्मति से नीतीश कुमार को नेता चुना गया है. बीजेपी विधायक देल के नेता सम्राट चौधरी ने नाम प्रस्तावित किया, जिसपर सभी ने अपनी सहमति जतायी. एनडीए विधानमंडल दल के नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किये।
क्या बोले प्रेम कुमार?
बीजेपी से 9वीं बार लगातार विधायक बने मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया है. वह एनडीए प्रतिनिधियों के साथ राजभवन में सरकार बनाने का दावा पेश करने गए हैं. सरकार बनाने का दावा पेश करने से पहले वर्तमान मंत्रिमंडल को भंग करने की सिफारिश करेंगे और कल भव्य शपथ ग्रहण समारोह गांधी मैदान में होगा. विधानसभा अध्यक्ष बनने के सवाल पर कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है और यह सब सिर्फ कयास हैं. जो भी जिम्मेदारी मिलेगी हमेशा की तरह वह निभाएंगे।
प्रेम कुमार ने क्या कहा
बीजेपी /जेडीयू ने अपना-अपना नेता चुना: इससे पहले यानी आज ही जेडीयू और बीजेपी की अलग-अलग विधायक दल की बैठक हुई. बीजेपी विधायक दल की बैठक बीजेपी कार्यालय के अटल सभागार में हुई. उसमें सम्राट चौधरी को नेता और विजय कुमार सिन्हा को उप नेता चुना गया. इधर मुख्यमंत्री आवास में जेडीयू विधानमंडल की बैठक हुई. बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से जदयू का नेता चुना गया।
नीतीश कुमार का स्वागत
गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह: दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 243 सीटों में से 202 सीटों पर प्रचंड जीत मिली है. ऐसे में नीतीश कुमार एक बार फिर से 20 नवंबर को गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर 16 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
सभी ने हाथ उठाकर नीतीश कुमार के नाम पर किया समर्थन
मंत्रिमंडल गठन को दिया जा रहा अंतिम रूप: इधर, मंत्रिमंडल के स्वरूप को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है. सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री बने रहेंगे, यह तय हो चुका है. बीजेपी अपने कई पूराने मंत्रियों पर भरोसा करने वाली है. नीतीश कुमार भी अपने कई पुराने मंत्रियों को फिर से रिपीट करेंगे. जिसमें विजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, मदन सहनी, लेसी सिंह का नाम काफी चर्चा में है. वहीं श्याम रजक को भी नीतीश कुमार मौका दे सकते हैं।
विधानसभा पहुंचे चिराग पासवान
जातीय, सामाजिक समीकरण का पूरा ख्याल: इस बार एनडीए में जदयू की टिकट पर जमा खान एकमात्र मुस्लिम विधायक चुने गए हैं. ऐसे में जमा खान का फिर से अल्पसंख्यक मंत्री बनना तय माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल के गठन में एनडीए के पांचो घटक दल जातीय, सामाजिक समीकरण का पूरा ख्याल रखेंगे।
नीतीश कुमार सीएम थे, हैं और रहेंगे: गायघाट से जदयू की सबसे युवा विधायक कोमल सिंह ने कहा कि जनता ने विकास को चुना है. सभी जाति धर्म के लोगों ने एनडीए को वोट किया है. महिलाओं ने एनडीए को चुनकर सुरक्षित भविष्य चुना है और बढ़ा हुआ महिलाओं का 9ः मतदान स्पष्ट इशारा है कि हमारे नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो काम किया उसे पसंद किया गया है. नीतीश कुमार पहले भी मुख्यमंत्री थे, अभी भी हैं और आगे भी रहेंगे।
जो जिम्मेदारी मिलेगी उसे निभागएंगे- जमा खां: एनडीए से इकलौते अल्पसंख्यक विधायक बने जाम खां ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज का भी बहुत वोट एनडीए को मिला है. समाज अब समझ गया है कि कौन विकास कर सकता है और कौन भला कर सकता है. मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी वह निर्वहन करेंगे. अल्पसंख्यक समाज ने एनडीए को वोट किया है. इस बार जो लोग गुमराह कर रहे थे उन्हें जवाब दिया है।
