दिल्ली में पढ़ने वाले ओबीसी छात्रों को हर माह मिलेगी 10 हजार की आर्थिक सहायता
संभाग स्तर पर मिलेगा 10 हजार छात्रों को प्रशिक्षण
भोपाल । मध्य प्रदेश शासन ने वर्ष 2025-26 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों और युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं. इन निर्णयों के तहत जहां दिल्ली में पढ़ने वाले ओबीसी छात्रों को हर माह 10 हजार की आर्थिक सहायता मिलेगी, वहीं 600 बेरोजगार युवाओं को जापान, जर्मनी सहित अन्य देशों में सम्मानजनक रोजगार का अवसर प्रदान किया जाएगा।
सरकार की इन योजनाओं से ओबीसी वर्ग के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और युवाओं को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का मजबूत आधार मिलेगा. यह दावा शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने सरकार के 2 साल का कार्यकाल पूरा होने पर आयोजित पत्रकारवार्ता में किए।
600 ओबीसी युवाओं को विदेश में रोजगार का अवसर
मंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि ष्पूर्व में सफलतापूर्वक संचालित टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम यानि टीआईटीपी योजना के अनुभव के आधार पर इस योजना को वृहद स्तर पर लागू किया जा रहा है. इसके अंतर्गत सोशल इम्पैक्ट बॉण्ड जैसे आधुनिक वित्तीय उपकरण का उपयोग करते हुए 600 पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवाओं को जापान, जर्मनी एवं अन्य देशों में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. इस योजना को बीते 9 दिसंबर 2025 को कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई है. अब इसे कारर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी यानि सीएसआर योजना के तहत जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है. जिससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी. इस योजना में सीएसआर को जोड़ने वाला मध्य प्रदेश पहला प्रदेश है।
इन छात्रों को मिलेंगे हर महीने 10 हजार रुपये
मंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि ष्दिल्ली स्थित उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रगृह योजना में व्यापक सुधार किए गए हैं. इसमें लाभार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 की गई है. वहीं सहायता राशि भी 1550 से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह की गई है. इसके साथ ही योजना में परिवार की आय सीमा एक से बढ़ाकर 3 लाख रुपये की गई है.
अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सेना, पुलिस एवं सुरक्षा बलों में भर्ती हेतु तैयार करने के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2025 प्रस्तावित है. इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 4000 युवाओं को आवासीय शारीरिक व सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनमें अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और रोजगार क्षमता विकसित होगी।
संभाग स्तर पर 10 हजार छात्रों को प्रशिक्षण
सरदार पटेल कोचिंग योजना का पुनर्गठन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाया गया है. अब इस योजना में यथोचित प्रशिक्षण अवधि, पूर्ण अवधि में शिष्यवृत्ति एवं आवासीय किराया सहायता और बेहतर संस्थान चयन मापदंड का ध्यान रखा गया है. इसके तहत संभाग स्तर पर 10,000 विद्यार्थियों को यूपीएससी और एमपी पीएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग दी जाएगी. इसे 14 अक्टूबर 2025 को कैबिनेट स्वीकृति मिल चुकी है।
आधुनिक छात्रावास और आदर्श छात्रावास परियोजना
प्रदेश के विभिन्न संभागों में 500 सीटर छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है. इंदौर और जबलपुर में कन्या छात्रावास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि भोपाल और ग्वालियर में स्वीकृति मिल चुकी है. साथ ही पिछड़ा वर्ग आदर्श छात्रावास परियोजना के तहत 30 कन्या छात्रावासों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है. जिनमें वाई-फाई, लाइब्रेरी, सोलर पैनल, कंप्यूटर कक्ष आदि शामिल हैं।
ओबीसी छात्रों को मिलेंगे 10 हजार प्रतिमाह, 600 बेरोजगार युवाओं को विदेशों में रोजगार का मौका
