एक दिन पहले 8 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा किया गया था दर्ज
अयोध्या। राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया है. इसी क्रम में ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना त्यागपत्र दिया है. राम मंदिर दान गबन मामले में दोनों ही पदाधिकारियों पर इस्तीफे का दबाव था. विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरों को अफवाह है. जबकि शनिवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने इस्तीफा देने की पुष्टि की. ट्रस्ट ने एक पत्र भी जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि ट्रस्ट की आगामी बैठक में इस पर विचार किया जाएगा।
ट्रस्ट ने जारी किया पत्र.
विहिप के प्रवक्ता अंबरीष सिंह ने शुक्रवार को एक बयान में कहा था कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्र ने पदों से त्यागपत्र नहीं दिया है, यह केवल एक अफवाह है. विहिप नेता के अनुसार त्यागपत्र दिए जाने के समाचार पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।
बता दें कि एक दिन पहले गुरुवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में लंबी प्रशासनिक उठा-पटक और गहन जांच के बाद थाना राम जन्मभूमि में आठ लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया. यह हाई-प्रोफाइल मुकदमा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त ट्रस्टी कृष्ण मोहन की लिखित तहरीर पर आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया।
कानून व्यवस्था से जुड़े सूत्रों का मानना है कि इस संवेदनशील मामले में गठित ैप्ज् ने अपनी प्राथमिक गोपनीय रिपोर्ट अपर गृह सचिव संजय प्रसाद को सौंपी थी. शासन स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद ही स्थानीय पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ इतनी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई है.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राम शंकर यादव उर्फ टीनू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. इन सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध नए कानूनी प्रावधानों के तहत धारा 306, 316, 317 और 61 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है.
दर्ज की गई ये गंभीर धाराएं: मुख्य रूप से मंदिर के धन के गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने से सीधे तौर पर संबंधित हैं. इस मामले में अब तक मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला व लवकुश मिश्रा को गिरफ्तार भी कर लिया है. वहीं, घटना में शामिल अन्य फरार चल रहे नामजद आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें बनाई गई हैं. इस पूरे कानूनी घटनाक्रम के संदर्भ में क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी ने आधिकारिक तौर पर किसी भी तरह की नई एफआईआर दर्ज न होने की बात कही है।
चंपत राय ने छोड़ा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट, अनिल मिश्रा का भी इस्तीफा, ट्रस्ट ने की पुष्टि
