नामांतरण में छेड़छाड़ करने के मामले में इंदौर नगर निगम के 6 कर्मचारियों को नोटिस जारी
इंदौर । इंदौर नगर निगम में घोटाले रोके नहीं रुक रहे हैं. अब नामांतरण घोटाला गर्म है. आरोप है कि अधिकारियों ने चुपके से 370 संपत्तियों के मलिकाना हक से छेड़छाड़ की है. इस मामले में 6 कर्मचारियों को नोटिस दिए गए हैं. मामला नगर निगम के राजस्व विभाग का है. नामांतरण में छेड़छाड़ ऐसी संपत्तियां में की गई है, जिनमें जरूरी दस्तावेज अथवा अन्य जरूरी कागजात के बिना किसी के नाम की प्रॉपर्टी का दूसरे के नाम पर नामांतरण संभव नहीं है.
जनवरी से मार्च के बीच कारनामा
आरोप है कि अधिकारियों-कर्मचारियों ने प्रॉपर्टी के नामांतरण के लिए जरूरी लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करते हुए करीब 370 से ज्यादा मकान के मालिकों के नाम में फेरबदल, संशोधन अथवा नाम दर्ज कर लिए. हाल ही में यह मामला शिकायत के बाद पकड़ में आया तो पता चला कि जनवरी से मार्च माह तक 3 महीने के दरमियान अधिकारी कर्मचारियों ने नगर निगम में रात 10ः00 बजे से 3ः00 तक घोटाले को अंजाम दिया.
संपत्ति विवाद के कई मामले सामने आएंगे
आरोप है कि ऐसा करने के लिए उन लोगों ने अधिकारियों कर्मचारियों को बड़ी रिश्वत दी जो सपत्ति के मालिकाना हक में अपने मनमाफिक फेरबदल करना चाहते थे. ये भी आरोप है कि अधिकारियों-कर्मचारियों ने न तो फाइल में जरूरी औपचारिता पूरी की और न प्रक्रिया पूरी की. साथ ही न ही दूसरे पक्ष से इस मामले में कोई अनापत्ति प्राप्त की. इस कारण अब कई लोगों की संपत्ति को लेकर मालिकाना हक के विवाद खड़े होने के आसार हैं.
शहर कांग्रेस ने खोला मोर्चा, कार्रवाई की मांग
नगर निगम परिषद और राजस्व प्रभारी के संज्ञान में मामला आने के बाद राजस्व विभाग के 6 कर्मचारियों को नोटिस दिए गए हैं. राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने बताया ष्यह बहुत गंभीर मामला है, जिसमें लोगों के संपत्ति पर मालिकाना हक के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गई है. मामले में जांच कराई जा रही है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.ष् वहीं, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए नगर निगम में व्याप्त भष्टाचार के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव को जिम्मेदार ठहराया है।
इंदौर नगर निगम नामांतरण घोटाला सुर्खियों में, 370 प्रॉपर्टी के रातोंरात बदले मालिकाना हक
