वाशिंगटन । अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है।
1973 के वॉर पॉवर्स एक्ट के बाद यह पहला मौका है, जब अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों ने किसी राष्ट्रपति से युद्ध जैसी कार्रवाई खत्म करने की मांग की है। वोटिंग के दौरान चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया, जिससे ट्रम्प की पार्टी के भीतर बढ़ती बागवत भी सामने आई। हालांकि व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस प्रस्ताव का कोई कानूनी असर नहीं होगा और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पहले ही समाप्त हो चुकी है।
इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्काे रूबियो यूएई बहरीन और कुवैत के दौरे पर पहुंचे हैं। उनका मकसद अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर खाड़ी देशों की चिंताओं को दूर करना है। इन देशों को आशंका है कि समझौते से होर्मुज स्ट्रेट में ईरान का प्रभाव बढ़ सकता है। साथ ही समझौते में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर कोई स्पष्ट शर्त नहीं होने से भी सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के संभावित फंड पर भी चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि इसमें खाड़ी देशों से आर्थिक सहयोग मांगा जा सकता है। ऐसे में वॉशिंगटन अपने सहयोगी देशों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।
