ग्वालियर। गौरवमयी तानसेन समारोह का शताब्दी आयोजन पूरी गरिमा के साथ हो। सभी लोग मिलजुलकर 100वें तानसेन समारोह को भव्यता प्रदान करें। शताब्दी वर्ष में इस प्रतिष्ठित संगीत महोत्सव का आयोजन इतना भव्य व आकर्षक हो, जिससे वह इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो। यह बात सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने तानसेन समारोह की स्थानीय समिति की कही। संभाग आयुक्त मनोज खत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में समारोह को गरिमामय बनाने के लिये गहन विचार मंथन हुआ।
संभाग आयुक्त खत्री ने समिति को भरोसा दिलाया कि बैठक में आए अच्छे सुझावों पर ध्यान देकर तानसेन समारोह के कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समारोह में अधिकाधिक संगीत रसिक पहुँचें। इसके लिये समारोह की तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश का सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह” संगीत की नगरी ग्वालियर में इस साल 15 से 19 दिसम्बर तक आयोजित होगा। यह सालाना समारोह भारतीय संगीत की अनादि परंपरा के श्रेष्ठ कला मनीषी संगीत सम्राट तानसेन को श्रद्धांजलि व स्वरांजलि देने के लिये पिछले 99 साल से आयोजित हो रहा है। इस साल समारोह का शताब्दी वर्ष है। बैठक में संभाग आयुक्त ने सभी आयोजन स्थलों पर जिला प्रशासन व नगर निगम से संबंधित सभी व्यवस्थायें पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि तानसेन की जन्मस्थली बेहट में भी समारोह की सभा से संबंधित सभी व्यवस्थायें गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें। संभाग आयुक्त मनोज खत्री ने संस्कृति संचालक को निर्देश दिए कि तानसेन समारोह के आयोजन से तीन महीने पहले से ही स्थानीय समिति के सदस्यों के सुझाव लें और उन सुझावों के आधार पर समारोह की रूपरेखा तैयार करें। उन्होंने हर साल नियमित अंतराल से स्थानीय समिति की बैठक आयोजित करने पर बल दिया। साथ ही कहा कि इस साल के आयोजन के बाद दो माह के भीतर समीक्षा बैठक रखें और जो कमियां सामने आएं, उसे अगले वर्ष के आयोजन में दूर करें। साथ ही समिति के सदस्यों सुझाव के आधार पर नए आयाम भी जोड़ें।
तानसेन समारोह की हर सभा के आरंभ में ध्रुपद प्रस्तुति देने वाली संस्थाओं में शामिल स्थानीय विद्यार्थियों व कलाकारों को प्रमाण-पत्र देने का निर्णय भी स्थानीय समिति की बैठक में लिया गया। संभाग आयुक्त ने बैठक के निर्णय के अनुसार सभी स्थानीय प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी यह प्रमाण-पत्र दिए जाएँ। सुर सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट में स्थित प्राचीन शिव मंदिर का कायाकल्प एवं जीर्णोद्धार कराया जायेगा। उन्होंने इस मंदिर की फोटोग्राफ सहित जानकारी इंटेक सोसायटी को भेजने के निर्देश दिए हैं। इंटेक सोसायटी इस कार्य के लिये एस्टीमेट तैयार करेगी। ऐतिहासिकता और मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए संस्कृति विभाग के माध्यम से मंदिर का कायाकल्प कराया जायेगा। शताब्दी वर्ष के तानसेन समारोह का आगाज 15 दिसम्बर को होगा। इस दिन सुबह 10 बजे हजीरा स्थित सुर सम्राट तानसेन की समाधि पर शहनाई वादन, ढोलीबुआ महाराज की हरिकथा एवं मीलाद वाचन से समारोह का पारंपरिक शुभारंभ होगा। सायंकाल 6 बजे समारोह की मुख्य सभाओं के लिए बनाए गए भव्य मंच पर औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद सांगीतिक सभाओं की शुरुआत होगी। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अरविंद सक्सेना, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे, संचालक संस्कृतिक विभाग एमपी नामदेव, निगम आयुक्त अमन वैष्णव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष अभय चौधरी, बालखांडे, संस्कार भारती के अध्यक्ष डॉ. संजय धवले तथा ईश्वरचंद करकरे, नरेन्द्र कुंटे, अशोक आनंद व अभिजीत सुखदाणे सहित समिति के अन्य सदस्यगण मौजूद थे।
पूरी गरिमा व भव्यता के साथ हो शताब्दी तानसेन समारोह का आयोजनः मंत्री नारायण सिंह कुशवाह
