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महाकुंभ का महाजाम प्रयागराज से रीवा-जबलपुर तक सबसे लंबा ट्रैफिक जाम - Nand Kesari || Top News || Latest News

महाकुंभ का महाजाम प्रयागराज से रीवा-जबलपुर तक सबसे लंबा ट्रैफिक जाम

जबलपुर। दुनिया में भारत आस्था का सबसे बडा केंद्र रहा है। प्रयागराज महाकुंभ जैसे-जैसे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों की आस्था का सैलाब और उमड़ता जा रहा है. स्थिति ऐसी हो गई है कि प्रयागराज जाने के रास्ते में मध्य प्रदेश के जबलपुर से प्रयागराज तक 350 किमी के पूरे रूट में महाजाम लग गया है. नेशनल हाईवे-30 पर लाखों वाहन फंसे हुए हैं और रेंगते-रेंगते महाकुंभ पहुंच रहे हैं. जबलपुर से प्रयागराज पहुंचने में जहां आमतौर पर 5 से 6 घंटे लगते थे, वहां 24 घंटे से ज्यादा वक्त लग रहा है. जाम की सबसे ज्यादा स्थिति रीवा के पास है.
जबलपुर से प्रयागराज पहुंचने में लग रहे 24 घंटे
जबलपुर से सपरिवार कुंभ स्नान करने पहुंचे भरत सिंह राजपूत ने बताया कि वे शनिवार सुबह 8 बजे जबलपुर से प्रयागराज की ओर रवाना हुए थे और अगले दिन सुबह 8-9 बजे प्रयागराज स्नान के लिए पहुंच सके. उन्होंने कहा, श्श् एनएच-30 पर भारी ट्रैफिक के बीच रीवा पहुंचे, जहां महाजाम की स्थिति थी. चाकघाट के महाजाम से जैसे-तैसे निकल गए, जिसके बाद नेशनल हाईवे पर लाखों वाहन प्रयागराज तक रेंगते रहे. रीवा के बाद प्रयागराज पहुंचने में लोगों को 2 घंटे की जगह 10-12 घंटे लग रहे हैं. ये शायद इतिहास का सबसे लंबा जाम है.श्श्
होटलें, मैरिज लॉन, ढाबे सब हाउस फुल
नेशनल हाईवे 30 पर महाकुंभ में जाने वाली भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जबलपुर से लेकर प्रयागराज तक रूट में आने वाले सभी होटलें, मैरिज लॉन, ढाबे हाउस फुल हैं. प्रयागराज से लौट रहे जबलपुर के अनिल सिंह बताया, श्श् प्रयागराज से लौटते वक्त चाकघाट में सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम है. पूरे हाईवे पर कुछ देर गाड़ी चलाने के बाद 4 से 5 घंटे तक के लिए रोक दिया जा रहा है. हमने सोचा कि लौटते वक्त रीवा या मैहर में होटल लेकर रूक जाएंगे और ट्रैफिक कम होने पर सुबह निकलेंगे पर सारी होटलें हाउसफुल हैं. रीवा में 2 हजार में मिलने वाले होटल रूम के 10 हजार तक चार्ज किए जा रहे हैं.श्श्
लौटने वाला ट्रैफिक भी जबर्दस्त, इतिहास का सबसे बड़ा जाम
प्रयागराज महाकुंभ ने हर मामले में रिकॉर्ड बनाया है, वहीं अब ट्रैफिक जाम के मामले में भी रिकॉर्ड बनता जा रहा है. जबलपुर से प्रयागराज तक 350 किमी के रूट पर लगा जाम इतिहास का सबसे लंबा जाम कहा जाना अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि इससे पहले नेशनल हाईवे 30 पर ऐसा ट्रैफिक कभी नहीं देखा गया. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि जबलपुर के इस रूट से महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत सभी दक्षिणी राज्यों जैसे तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक आदि से लाखों की संख्या में रोज श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं. यही वजह है कि अब प्रयागराज जाने वाले रूट्स के साथ-साथ लौटने वाले रूट्स पर भी महाजाम लग रहा है. यह स्थिति केवल जबलपुर रूट पर ही नहीं बल्कि उत्तरेप्रदेश के प्रयागराज को जोड़ने वाले हर रूट पर बन रही है.
जबलपुर टोल नाके पर रोका जा रहा ट्रैफिक
हाईवे पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए जबलपुर पुलिस व जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है. रीवा में लगे महाजाम के बाद जबलपुर पुलिस ने लोगों को टोल नाके के पास रोकना शुरू कर दिया है. जबलपुर के हाईवे पर भी हजारों गाड़ियों की लंबी लाइनें देखने मिल रही हैं. रविवार सुबह तक यह स्थिति कटनी में थी लेकिन कटनी से बढ़कर यह जाम सिहोरा तक पहुंच गया. जबलपुर कलेक्टर और एसपी स्थिति का जायजा लेने सिहोरा पहुंचे, जिसके बाद सिहोरा टोल नाके पर प्रयागराज जाने वाली गाड़ियों को रोका जा रहा है.
भोपाल से आने वाहनों को भी रोका जा रहा
दूसरी ओर भोपाल की ओर से आने वाले और कटनी के रास्ते प्रयागराज जाने वाले लोगों को शहपुरा-सहजपुर टोल नाके पर रोका जा रहा है. यहां बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को समझाइश दी जा रही है कि आगे महाजाम की स्थिति है इसलिए वे कुछ देर इसी स्थान या होटल में रुक जाएं और सड़क खाली कर दें. शहपुरा थाना प्रभारी पूर्वा चौरसिया ने बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली थी कि प्रयागराज से बढ़ता हुआ जाम जबलपुर तक पहुंच गया है इसलिए उन्होंने लोगों को जाम से परेशान होने की बजाय रुक जाने की सलाह दी.
12 फरवरी के बाद जाएं प्रयागराज
प्रयागराज से लौट रहे लोग अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए सलाह दे रहे हैं कि महाजाम से फंसने से बेहतर है कि वे 12 फरवरी के बाद जाएं प्रयागराज. दरअसल, 13 जनवरी को शुरू हुए महाकुंभ का 26 फरवरी को समापन होगा पर कुछ खास तिथियों पर स्नान करने के लिए करोड़ों श्रद्धालु एकसाथ प्रयागराज पहुंचना चाह रहे हैं, जिससे जाम की स्थितियां निर्मित हो रही हैं।

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