भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव के बीच मीटिंग,चीनी विदेश मंत्री की दो दिवसीय भारत यात्रा

नई दिल्ली । विदेश मंत्रालय के अनुसार चीनी विदेश मंत्री वांग यी सोमवार से शुरू हो रही अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. मंगलवार को होने वाली यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पीएम मोदी की चीन की प्रस्तावित यात्रा से कुछ दिन पहले हो रही है.प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले वांग विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ अलग-अलग वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों पक्ष सीमा की स्थिति, व्यापार और उड़ान सेवाओं की बहाली सहित कई प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं.
चीनी विदेश मंत्री की यात्रा को मोटे तौर पर दोनों पड़ोसियों द्वारा अपने संबंधों को फिर से बनाने के चल रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जो 2020 में गलवान घाटी में हुई घातक झड़पों के बाद तनाव में आ गए थे.इस मामले से परिचित लोगों ने रविवार को बताया कि वांग की यात्रा के दौरान दोनों पक्ष अपनी विवादित सीमा पर स्थायी शांति और स्थिरता के लिए नए विश्वास-निर्माण उपायों पर चर्चा कर सकते हैं.
भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव के बीच मीटिंग
वांग की यात्रा को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच हो रही है, जिसमें रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त जुर्माना भी शामिल है।
विदेश मंत्रालय ने दी यात्रा की डिटेल
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी विवरण के अनुसार चीनी विदेश मंत्री सोमवार शाम लगभग 4 बजकर 15 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचेंगे. वह शाम लगभग छह बजे जयशंकर से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इसके बाद वांग और एनएसए डोभाल मंगलवार सुबह 11 बजे सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि (एसआर) वार्ता के एक नए एडिशन की बैठक करेंगे.विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग मंगलवार शाम 5 बजकर 30 मिनट पर प्रधानमंत्री मोदी से उनके 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात करेंगे.
गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्री मुख्य रूप से एनएसए डोभाल के साथ 24वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता के लिए भारत आएंगे. वांग और डोभाल सीमा वार्ता के लिए नामित विशेष प्रतिनिधि हैं.
नए विश्वास-निर्माण उपायों पर विचार की उम्मीद
सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा पर समग्र स्थिति की समीक्षा के अलावा नए विश्वास-निर्माण उपायों पर विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है.हालांकि, दोनों पक्षों ने टकराव वाले स्थानों से सैनिकों को हटा लिया है, लेकिन सीमा से अग्रिम पंक्ति के बलों को वापस बुलाकर स्थिति को कम करना अभी बाकी है.पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर वर्तमान में दोनों पक्षों के लगभग 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं।

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