Warning: Undefined array key 0 in /home/webhutor/nandkesari.com/wp-content/plugins/contact-form-7/includes/file.php on line 268
उमंग सिंघार का सिंधिया परिवार व भाजपा पर निशाना , भाजपा नेताओं ने संस्थाओं को बनाया बपौती - Nand Kesari || Top News || Latest News

उमंग सिंघार का सिंधिया परिवार व भाजपा पर निशाना , भाजपा नेताओं ने संस्थाओं को बनाया बपौती

x
सिंधिया के बेटे महा आर्यमन सिंधिया को एमपीसीए का अध्यक्ष बनाए जाने पर उमंग सिंघार ने निकाली भड़ास
छिन्दवाड़ा । नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महा आर्यमन सिंधिया को लेकर जमकर भड़ास निकाली है. हाल ही में महाआर्यमन सिंधिया को एमपीसीए का अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर उन्होंने सिंधिया परिवार पर निशाना साधा और ये तक कह डाला कि मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को अपनी बपौती समझ लिया है.
भाजपा नेताओं ने संस्थाओं को बना रखा है बपौती: सिंघार
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार छिंदवाड़ा पहुंचे. इस दौरान मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया को मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का निर्विरोध अध्यक्ष बना दिया गया है इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ बड़े लोगों ने संस्थाओं को बपौती बना लिया है. अगर इन संस्थानों में निष्पक्ष चुनाव होंगे, तो संस्थाओं का भविष्य अच्छा रहेगा. खेल में राजनीति को नहीं लाना चाहिए. राजनेताओं को इन संस्थाओं से दूर रहना चाहिए और ऐसी संस्थाओं में खिलाड़ी ही आगे आए तो अच्छा रहेगा.
सिंधिया घराने का इतिहास सबको पता है
इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को चरित्रहीन पार्टी बताया था, इस पर उमंग सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा, श्श् उन्होंने ऐसा क्यों कहा यह वे खुद जानते हैं. पहले वे कांग्रेस में थे, उनकी कथनी और करनी में काफी अंतर है. क्योंकि सिंधिया परिवार का इतिहास महारानी लक्ष्मीबाई के समय से सभी को पता है मैं इस बारे में कुछ ज्यादा नहीं कहना चाहता।
आदिवासियों की जमीन छीन रही सरकार, सदन में नहीं कर रही चर्चा
प्रदेश भर में आदिवासियों की जमीन कन्वर्ट होने के कई मामले आ रहे हैं. मीडिया के इस सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि हमने इस मामले में सदन में कई बार प्रश्न भी लगाए हैं लेकिन सरकार इस पर चर्चा नहीं करना चाहती है. इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार आदिवासियों की जमीन छीन रही है कलेक्टरों के माध्यम से कन्वर्ट कर रही है जबकि आदिवासियों को उनका हक मिलना चाहिए सरकार सदन में चर्चा से सरकार पल्ला झाड़ती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al padişahbet padişahbet giriş