भिंड पेशाब कांड के आरोपियों को झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

ग्वालियर। भिंड में हुए कथित पेशाब कांड को लेकर एक बड़ा अपडेट हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ से आया है. उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने आरोपी पक्ष को बड़ा झटका दिया है. मामले में लगाई गई जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है.
पेशाब कांड से बढ़ा था चंबल में तनाव
बीते दिनों भिंड जिले में एक दलित युवक ने आरोप लगाया था कि कुछ सवर्ण युवकों ने उसका अपहरण किया फिर उसके साथ मारपीट की थी और उसे जबरन पेशाब पिलाया था. इस घटना के बाद पूरे चंबल अंचल में तनाव का माहौल हो गया था. एक तरफ इस मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी फरियादी के साथ मैदान में उतर आई थी तो वहीं हिंदू संगठन इस मामले को फर्जी बताते हुए सवर्ण युवकों जो की मामले में आरोपी थे, उनके समर्थन में उतर आए थे.
जमानत याचिका पर फरियादी ने लगाई थी आपत्ति
मामले ने तूल पकड़ा तो दलित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था लेकिन इस कार्रवाई के विरोध में हिंदू संगठनों और नेताओं ने विरोध जताते हुए भिंड एसपी कार्यालय का घेराव किया था. बाद में इस मामले को हाईकोर्ट के संज्ञान में लाया गया और आरोपी पक्ष की ओर से मामले में जमानत की अपील की गई लेकिन इस जमानत के खिलाफ पीड़ित की ओर से एक आपत्ति याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी.
वकील की दलील-जमानत मिली तो फिर होगा कृत्य
पीड़ित के वकील अनिल कुमार जाटव ने बताया कि ष्भिंड पेशाब कांड के आरोपियों के द्वारा लगाई गई जमानत याचिका पर हमने शुक्रवार को आपत्ति जताते हुए अपनी बात रखते हुए हाईकोर्ट के सामने दलीलें दी कि इस तरह की घटनाओं से आरोपियों के हौसले बढ़े हुए हैं. यदि ये जमानत याचिका स्वीकार की गई तो समाज के अन्य आपराधिक प्रवृति के लोग किसी दूसरे के साथ भी इस तरह की घटना को अंजाम दे सकते हैं.ष्
हाईकोर्ट ने आरोपियों की जमानत की खारिज
एडवोकेट अनिल कुमार जाटव ने बताया कि ष्उनकी बात सुनने के बाद क्योंकि जो कृत्य किया गया वह समाज में दुष्प्रभाव डालने वाला कृत्य है, उस पर उच्च न्यायालय ने विचार किया और इस तरह के अपराध की पुनरावृत्ति ना हो और अपराध की गंभीरता को देखते हुए आपत्ति स्वीकार करते हुए आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

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