नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र मंगलवार को एकबार फिर गरमा गया,जब लोकसभा में चुनाव सुधारों और विशेष गहन संशोधन पर बहस छिड़ गई. विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के इस अभियान को श्वोट चोरी का हथियार करार देते हुए जोरदार हमला बोला, जबकि सत्ताधारी भाजपा ने इसे लोकतंत्र को मजबूत बनाने वाली प्रक्रिया बताया.
बहस के दौरान सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई बार हंगामा भी हुआ, लेकिन स्पीकर ओम बिरला की चेतावनी के बाद इसे नियंत्रित कर लिया गया. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एसआईआर को राष्ट्र-विरोधी कृत्य कहा और आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया असली वोटरों को हटाने के लिए इस्तेमाल हो रही है.
लोकसभा में इलेक्टोरल रिफॉर्म्स पर बहस दोपहर 12 बजे शुरू हुई, इसके लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया था. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने डिबेट की शुरुआत की. उन्होंने कहा, एर्सआअआर कई राज्यों में चल रहा है, लेकिन चुनाव आयोग के पास इसका कोई कानूनी आधार ही नहीं है. सरकार को संसद में लिखित रूप से कारण बताने चाहिए. तिवारी ने चुनाव आयोग के चयन प्रक्रिया में लोकसभा विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की मांग भी की. उन्होंने आयोग को केंद्र के इशारे पर काम करने वाला बताया.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन को संबोधित किया. उन्होंने एसआईआर को राष्ट्र-विरोधी कृत्यश् कहा और आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया असली वोटरों को हटाने के लिए इस्तेमाल हो रही है. राहुल ने कहा, एसआईआर के नाम पर पूरे देश में अराजकता फैलाई गई है. यह वोट चोरी का सुनियोजित प्रयास है. राहुल गांधी ने आरएसएस पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार आरएसएस के इशारे पर चल रही है।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के अपॉइंटमेंट में विपक्ष के नेता को पैनल में बुलाया गया मगर भूमिका नगण्य रही..निर्णय सुना दिए गए, फिर पैनल बनाने की क्या जरूरत थी. उन्होंने आरोप लगाया कि आजतक उन्हें बुलाकर ईवीएम का एक्सेस नहीं दिए गया और न ही इसकी प्रक्रिया बताई गई. इस बहस में समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने भी हिस्सा लिया. उन्होंने उत्तर प्रदेश में एसआईआर पर सवाल उठाए और बूथ लेवल अधिकारियों पर दबाव का आरोप लगाया.
विपक्ष ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण से लाखों वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं, जो सत्ताधारी गठबंधन को फायदा पहुंचाएगा.भाजपा ने पलटवार किया. सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने कहा, ष्वोट चोरी का पहला उदाहरण 1947 में कांग्रेस ने दिया, जब नेहरू ने पटेल का साथ नहीं दिया. एसआईआर मतदाता सूचियों को साफ करने का जरूरी कदम है।
उन्होंने विपक्ष पर पुरानी हार का रोना रोने का आरोप लगाया. सरकार ने जोर दिया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और एसआईआर 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से चल रही है, जिसकी समय सीमा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बढ़ाई गई है.यह बहस विपक्ष की लंबे समय से मांग पर आधारित है, जो मानसून सेशन से चली आ रही थी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 2 दिसंबर को ही सहमति दी थी. कल अगर जरूरी हुआ तो चर्चा जारी रहेगी. विंटर सेशन 19 दिसंबर तक चलेगा, लेकिन एसआईआर मुद्दा राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है, खासकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले।
राहुल गांधी के बाद बोलते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि ईवीएम का सबसे पहले प्रयोग 1980 में राजीव गांधी की सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया था. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जिस इलेक्शन कमीशन पर कांग्रेस आरोप लगा रही है या नियुक्ति पर आरोप लगा रही है. उसी के पूर्व कई आयुक्तों को कांग्रेस ने चुनाव लड़वाया चाहे वो केपीएस गिल हो या टीएन शेषन हों…और आज चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर आरोप लगा रही है।
बहरहाल लंबे समय से विपक्ष की मांग पर बुलाई गई इस बहस पर संसद में चर्चा तो शुरू हो गई लेकिन बहस की तीव्रता देखते हुए ऐसा लगता नहीं है कि विपक्ष इस मुद्दे पर सत्र में आगे हंगामा नहीं करेगा।
लोकसभा में 7वें दिन: चुनाव सुधार पर छिड़ी बहस, राहुल गांधी हुए हमलावर बोले, आरएसएस के इशारे पर चल रही सरकार
