रीवा । विंध्य की धरती आज एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी. जब देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रीवा पहुंचे. सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के बसामन मामा स्थित गौ अभ्यारण्य में आयोजित भव्य किसान-कृषक सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री ने प्राकृतिक खेती प्रकल्प का आवलोकन किया. साथ ही लोगों से प्राकृतिक खेती करने की अपील की. इस अवसर पर अमित शाह ने प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न आयामों का भी अवलोकन किया।
कृषक सम्मेलन में शामिल हुए अमित शाह
कृषक सम्मेलन कार्यक्रम में प्रकल्प के अंतर्गत परंपरागत बीजों का संरक्षण, गोमूत्र व गोबर से निर्मित जैविक खाद व कीटनाशक, अंतवर्तीय फसल प्रणाली, औषधीय पौधों की खेती और फलोद्यान विकास जैसे नवाचारों को किसानों के सामने पेश किया गया. यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का भी सशक्त माध्यम बनेगा.
रीवा में अमित शाह का संबोधन
गौ अभ्यारण्य परिसर के पास आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने मंच से किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है. सभी को संकल्प लेना होगा कि प्रत्येक व्यक्ति को 5-5 पीपल के पेड़ जरूर लगाएं.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम प्राकृतिक खेती
इस ऐतिहासिक कृषक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खांडेलवाल, पशुपालन मंत्री लखन पटेल व रीवा जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल सहित हाजरों की तादात में क्षेत्रीय किसान मौजूद रहे. सभी अतिथियों ने प्राकृतिक खेती को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम बताया. यह आयोजन विंध्य क्षेत्र के किसानों के लिए नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आया है.
कृषि सम्मेलन एवं गौ वन्य बिहार का गृह मंत्री ने किया अवलोकन
अमित शाह ने बसामन मामा गौअभ्यारण्य में प्राकृतिक खेती के लिए बनाए गए प्रकल्प व कृषि सम्मेलन एवं गौ वन्य बिहार का अवलोकन किया. अमित शाह ने कहा किष् भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती है. यह रीवा क्षेत्र अटलजी के सबसे प्रिय क्षेत्र में था. जब वह प्रधानमंत्री बने, उनके जो वाहन चालक थे वह यहीं रीवा के वीर बहादुर सिंह थे. तब अटलजी बघेली भाषा में ही वीर बहादुर सिंह से बात करते थे।
उन्होंने कहा की मध्य प्रदेश का रीवा क्षेत्र एक विकसित क्षेत्र के रूप में बढ़ रहा है. एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट हमारे रीवा में है. रीवा से प्रयागराज हो या जबलपुर बहुत अच्छी 4 मार्गी सड़कों का विकास हुआ है. अभी मैंने उतारते हुए मोहन यादव से पूछा भैया देर हो जाएगी, तो उड़ पाएंगे क्या? तो मोहन ने कहा रीवा का एयरपोर्ट अब 24 घंटे विमान लेकर दिल्ली जा सकता है.
रीवा में अमित शाह
गृह मंत्री ने कहा की मैंने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला को कहा था यदि मैं मध्य प्रदेश आऊंगा तो रीवा जरूर आऊंगा. आज मैंने रीवा आकर देखा की गौ पालन का काम करने वाले जो हमारे अच्छे किसान हैं, उनको आगे मार्गदर्शन किया जा सकता है. ऐसा एक बहुत अच्छा प्रकल्प यहां बनाया गया है. यहां गौशाला भी है. गौशाला के साथ-साथ गाय के गोबर से निर्मित प्राकृतिक खेती की पूरी संख्या और पंच स्तरीय खेती जहां सब्जी और फल भी होते हैं, 1 एकड़ के अंदर सवा लाख इनकम देने वाला यह प्रयोग निश्चित रूप से छोटे किसानों के लिए बड़ा आशीर्वाद होने वाला है. इसका आधा भी यदि रीवा के किसान अपने खेतों में कर लें, तो रीवा की आय ढाई गुना बढ़ाने की क्षमता रखती है।
बिना खाद पेस्टिसाइड की जा सकती है प्राकृतिक खेती
अमित शाह ने कहा कि एक ही देसी गाय से 21 एकड़ खेत में बिना खाद एवं पेस्टिसाइड के प्राकृतिक खेती की जा सकती है. किसान की मेहनत से जो अनाज उत्पन्न होता है, वह पूरे दुनिया और देश के लोगों के पेट भरने का काम करता है. प्राकृतिक खेती एक ऐसा प्रयोग है, जो गोबर व गौ मूत्र के उपयोग से छोटी-छोटी प्राकृतिक चीजों के मिलावट से ऐसी व्यवस्था बनती है, जो किसान के आय को भी कम नहीं करने देती और उनकी उपज शुद्ध होती है. इससे किसान की आय बढ़ेगी पानी का बचाव होगा और साथ ही अनाज खाने वाले लोगों को कई रोगों से मुक्ति होगी.
देश के 40 लाख किसान अपना चुके हैं प्राकृतिक खेती
उन्होंने कहा कि देश के 40 लाख किसान प्राकृतिक खेती को अपना चुके हैं. यह सिद्ध हो चुका है मैंने अपने खुद के खेत में इसका एक्सपेरिमेंट किया है. उत्पादन कम नहीं होता है, बल्कि बढ़ता है. प्राकृतिक खेती का सर्टिफिकेट विश्व के सबसे आधुनिक लैब्रारटी में इसका परीक्षण इसका पैकेजिंग इसका मार्केटिंग और इसके एक्सपोर्ट करने की व्यवस्था की है।
400 से ज्यादा प्रयोगशालाए किसान को देगी सर्टिफिकेट
आने वाले दिनों में देशभर में 400 से ज्यादा प्रयोगशालाएं किसान को सर्टिफिकेट देगी. इसका खेत भी प्राकृतिक है और इसकी उपज प्राकृतिक है, जो किसान की आय को लगभग डेढ़ गुना बढ़ाएगी. दुनिया भर में प्राकृतिक खेती का बहुत बड़ा बाजार है. पूरी दुनिया मान चुकी है कि ऑर्गेनिक अनाज खाने से ऑर्गेनिक खाना खाने से स्वास्थ अच्छा रहता है. हम जिस धरती को अपनी मां कहते हैं, उसको सीमेंट एवं कॉन्क्रीट जैसा बना देना कोई बेटी बेटा को शोभा नहीं देता.
बसामन मामा जिन्होंने पीपल के वृक्ष के लिए प्राण किए न्योछावर
गृह मंत्री ने अंत में कहा कि आज यहां दो एक्सपेरिमेंट हुए हैं. निदर्शन फॉर्म भी बने हैं. मैं आशा करता हूं निदर्शन फॉर्म रीवा क्षेत्र के हजारों लाखों किसान के लिए आने वाले दिन में मार्गदर्शन भी करेंगे. निदर्शन फॉर्म का नाम बसामन मामा रखा गया है. जिन्होंने प्राकृतिक के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. पीपल के वृक्ष को बचाने के लिए पूरा जीवन खर्च किया. हम सब को संकल्प लेना होगा की हम सभी 5 पीपल के पेड़ जरूर लगाएं।
रीवा में अमित शाह ने दिया प्राकृतिक खेती अपनाने का मंत्र,कहा प्राकृतिक खेती करती है जीवन की रक्षा
