नई दिल्ली । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को बजट सत्र के दौरान एपस्टीन फाइल्स का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर कई आरोप लगाए. इसके जवाब में हरदीप पुरी ने कहा कि उन्हें (राहुल गांधी) बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है. पुरी के मुताबिक उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पीस इंस्टिट्यूट (प्च्प्) के एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहते हुए जेफरी एपस्टीन से मुलाकात की थी. केंद्रीय मंत्री ने कहा, श्मुझे एपस्टीन की गतिविधियों में कोई दिलचस्पी नहीं थी. उसने मुझे दोमुंहा कहा था.श्
एपस्टीन फाइल्स पर हरदीप पुरी ने क्या कहा
पुरी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि युवा नेता को यह पता होना चाहिए कि एपस्टीन फाइल्स गलत कामों और आपराधिक मामलों से संबंधित हैं. उन्होंने कहा, श्फाइल्स में आरोप लगाया गया है कि एपस्टीन के पास एक द्वीप था, जहां वे अनैतिक काम करते थे. उन पीड़ितों ने अफसरों के खिलाफ केस दर्ज कराए हैं. मेरी बात का इससे किसी का कोई लेना-देना नहीं था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत्र ने एक ईमेल में सवाल उठाया कि मुझे लगता है कि हरदीप पुरी को एपस्टीन से किसने मिलवाया? ये तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं. 30 लाख ईमेल जारी किए जा चुके हैं. मैं मई 2009 से जब मैंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला, आठ साल तक न्यूयॉर्क में रहा. 2017 में मैं मंत्री बना. आठ वर्षों में संभवतः तीन या चार बार एपस्टीन से मुलाकातों का जिक्र है।
पीएम मोदी किसी दबाव में नहीं: पुरी
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी दवाब में थे. इस पर पुरी ने कहा, श्प्रधानमंत्री दबाव में नहीं हैं. मैंने पीएम के साथ काम किया है, यह मेरा नौवां साल है. पीएम का दिमाग दबाव महसूस करने के लिए बना ही नहीं है. वे हर समय शांत रहते हैं, हममें से कई लोग दिन में 18 घंटे काम करते हैं, वे उससे भी अधिक देर तक काम करते हैं।
केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा, वे (पीएम मोदी) देश को बदलने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, सोच रहे हैं. मुझे लगता है कि युवा नेता (राहुल गांधी) इसे सहन नहीं कर पा रहे हैं और इसी वजह से वे संसद में आकर बयान देते हैं और फिर स्थिति से भाग जाते हैं।
एपस्टीन से तीन-चार बार मिलने का राहुल गांधी का आरोप, हरदीप पुरी ने फाइल से जुड़े आरोपों को किया खारिज
