संसद बजट सत्रः 11वें दिन भी लोकसभा में हंगामा, सत्तापक्ष और विपक्ष में हुई तीखी बहस

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के 11वें दिन भी लोकसभा में काफी हंगामा और तीखी बहस हुई. बुधवार को केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा जिसमें मुख्य तौर पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कड़ा विरोध जताया. वहीं सरकार ने भी राहुल गांधी के आरोपों के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने का निर्णय लिया है।

लोकसभा में बजट चर्चा पर बोलते हुए राहुल गांधी ने तमाम मुद्दों पर सरकार पर आरोप लगाया और कुछ असंसदीय शब्दों का भी प्रयोग किया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह डील भारतीय किसानों को कुचल देगी, अमेरिकी मशीनीकृत खेती के सामने हमारे किसान तूफान का सामना करेंगे. राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार ने देश बेच दिया, कोई शर्म नहीं आती. विपक्ष के नेता ने कहा कि अमेरिका भारत के डेटा पर नजर रखे हुए है और सरकार डेटा बेच रही है.
वहीं, एपस्टीन फाइल्स और अडाणी-अंबानी से जुड़े अमेरिकी केस का भी राहुल गांधी ने जिक्र किया और कहा कि पीएम मोदी पर दबाव बनाने के लिए यह इस्तेमाल हो रहा है, इससे भाजपा की वित्तीय संरचना टूटेगी।
इस पर सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को असंसदीय शब्दों के इस्तेमाल पर कई बार टोका. पीठासीन अधिकारी ने भी बार-बार आग्रह किया कि वो सिर्फ बजट पर बोलें. इस दौरान राहुल की पीठासीन अधिकारी के साथ हल्की कहासुनी भी हुई.
सरकार ने राहुल गांधी की तरफ से लगाए गए आरोपों को लेकर प्रमाणीकरण नोट भी मांगा, मगर वो कांग्रेस की तरफ से नहीं दिए गए. बहरहाल सरकार अब राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की भी तैयारी कर रही है।
भाजपा सांसद विष्णु पद रे से बातचीत
इस मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम राहुल गांधी के भ्रामक आरोपों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देंगे. रिजीजू ने कहा कि 5 बजे तक समय देंगे, उसके बाद विशेषाधिकार हनन का नोटिस देंगे.
उन्होंने कहा कि दूसरे, राहुल गांधी ने हरदीप सिंह पुरी का नाम लेकर उनके खिलाफ गंभीर और निराधार आरोप लगाए. यह विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है. इसलिए, मैं स्पीकर के समक्ष आवश्यक नोटिस दाखिल करना चाहता हूं.राहुल के भाषण के दौरान सदन में भारी हंगामा भी हुआ. सत्ता पक्ष ने विरोध जताया और कई बार टोका.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल टूरिज्म और आयुष पर है. साथ ही सांसद सुप्रिया सुले की तरफ से उठाए गए सवाल पर बोलते हुए सीतारमण ने कहा कि देश में उर्वरक की कोई कमी नहीं है. राज्य जमाखोरी करते हैं. साथ ही बुलेट ट्रेन पर हो रही देरी पर भी उन्होंने कहा कि इसपर पूर्व की सरकारों ने समय पर जमीन आवंटित नहीं की इसलिए देर हुई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का बयान
बुधवार को जहां संसद में कहासुनी हुई, वहीं बाहर भी संसद की सीढ़ियों पर नोकझोंक और छींटाकशी दिखी. जब केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी मीडिया से बात कर रहे थे. राहुल गांधी अपना भाषण देकर निकल रहे थे. ऐसे में राहुल ने केंद्रीय मंत्री के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा कि लेट्स स्पीक टुगेदर, जिसे झटकते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी राहुल से दूर चले गए।
वहीं, सुबह जब कांग्रेस के निलंबित सांसद ट्रंप के आगे झुके मोदी के पोस्टर लेकर विरोध कर रहे थे, तब अंडमान से भाजपा सांसद विष्णु पद रे उनसे उलझ गए और इसका विरोध करने लगे. उन्होंने कहा कि इस तरह के पोस्टर अपने प्रधानमंत्री की गरिमा के खिलाफ हैं. संसद की सीढ़ी है और वहां इस तरह के पोस्टर लगाए जाने का अंतराष्ट्रीय स्तर पर गलत संदेश जा सकता है।
साथ ही विष्णु पद रे ने राहुल गांधी को अपरिपक्व और बालक बुद्धि तक कह कर बुलाया. उन्होंने कहा कि ये अपनी इन्हीं हरकतों से एक के बाद एक राज्यों में चुनाव हार रहे हैं और आगे भी हारेंगे. ईटीवी भारत से बात करते हुए उन्होंने यहां तक कहा कि राहुल को ये घमंड है कि वो युवराज हैं लेकिन जनता उन्हें नकार चुकी है।
बहरहाल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव (छव ब्वदपिकमदबम डवजपवद) के नोटिस की वजह से स्पीकर ने फैसला आने तक लोकसभा में नहीं आने का फैसला मंगलवार को ही लिया था, इसलिए आज वो सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए. ये जरूर है कि विपक्ष की तरफ से दिए गए नोटिस में कल सचिवालय ने काफी त्रुटियां पाई थीं जिसे उन्होंने दोबारा आज दिया था. मगर आज भी कुछ तकनीकी खामियां चिट्ठी में होने की वजह से स्पीकर ऑफिस ने उन्हें दोबारा ठीक करने को कहा।
कुल मिलाकर लोकसभा में बुधवार का दिन तीखी नोकझोंक का रहा. वित्त मंत्री ने भी जवाब देने के दौरान कांग्रेस के साथ साथ बंगाल की टीएमसी की सरकार पर भी महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

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