हिमांगी सखी बनीं पहली किन्नर शंकराचार्य, पुष्कर पीठ की संभालेंगी बागडोर

भोपाल। किन्नर अखाड़े ने देश के पहले किन्नर शंकराचार्य की ताजपोशी का ऐलान किया है. देश की पहली किन्नर शंकराचार्य के रूप में हिमांगी सखी का पट्टाभिषेक किया गया. आयोजकों के अनुसार राजस्थान के पुष्कर पीठ का चयन देश की पहली किन्नर शंकराचार्य पीठ के रूप में किया गया है।
कार्यक्रम में किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह घोषणा की गई. आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में किन्नर समुदाय के प्रतिनिधि, संत-महात्मा और विभिन्न राज्यों से आए अनुयायी मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम में किन्नर जूना अखाड़ा के प्रमुख डॉक्टर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी मौजूद रही. आयोजकों ने सम्मेलन के दौरान धर्म परिवर्तन कर चुके 60 किन्नरों की घर वापसी कराए जाने का भी दावा किया. मंच से कहा गया कि मुस्लिम बने कुछ किन्नरों ने शुद्धिकरण की प्रक्रिया के साथ पुनः हिंदू धर्म स्वीकार किया।
हिमांगी सखी बनीं पहली किन्नर शंकराचार्य
जगतगुरु हिमांगी सखी ने कहा ष्जो हिन्दू धर्म और सनातन धर्म को नहीं अपनाता है वह पाकिस्तान चला जाए. पंडित नेहरू ने पाकिस्तान इसलिए बनाया था कि हिंदुत्व को नहीं मानने वाले पाकिस्तान जाएं।इधर किन्नर काजल ठाकुर ने कहा कि यह गाड़ी की लड़ाई नहीं है. सुरैया नायक हिंदुओं की घर वापसी मुस्लिम समाज में करवा रही है जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम इसी धर्म में पैदा हुए हैं और इसी धर्म में मरेंगे।
किन्नर जूना अखाड़ा के प्रमुख डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि ये मांगे खान की लड़ाई है इसको धर्म का रूप दिया जा रहा है. काजल ग्रुप के 12- 13 लोगों ने ही घर वापसी की है. 500 का उसका दावा झूठा है.इस आयोजन को लेकर ट्रांसजेंडर कम्युनिटी में मतभेद सामने आए हैं. सुरैया नायक और देवी रानी के नेतृत्व वाले दूसरे गुट ने इसका विरोध किया है. महाशिवरात्रि के पावन मौके पर इस कार्यक्रम के लिए देश भर से किन्नर महामंडलेश्वर और संत इकट्ठा हुए।

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