महबूबा मुफ्ती ने ईरान के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया और ट्रंप और नेतन्याहू के पोस्टर जलाए

श्रीनगर। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले का भारत में तमाम मुस्लिम संगठन और कई राजनीतिक दल विरोध कर रहे हैं. इस कड़ी में पीपल डेमोक्रेटिक पार्टी अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरें जलाईं. साथ ही उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात पर खेद व्यक्त किया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान पर हुए हमले की निंदा नहीं की. उन्होंने कहा, यूं तो देश के नेतृत्व ने और न ही जम्मू-कश्मीर के नेतृत्व ने हमले की निंदा की और न ही ईरान के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने आगे कहा कि, ईरान के साथ हमारे संबंध मजबूत रहे हैं. ईरान एकमात्र मुस्लिम देश था जिसने कश्मीर मुद्दे पर भारत के रुख को समझा. उन्होंने कहा कि, अन्य मुस्लिम देश कश्मीर मुद्दे पर हमेशा पाकिस्तान के साथ खड़े रहे. महबूबा ने कहा, ष्जब भारत पर प्रतिबंध लगाए गए, तब ईरान ने भारत को मुफ्त तेल की आपूर्ति की. लेकिन इन सबके बावजूद, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे नेतृत्व ने इसकी निंदा तक नहीं की।
महबूबा ने शांति भंग करने के आरोप में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद मट्टू के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की. उन्होंने कहा, “हम सरकार से जेल में बंद लोगों को रिहा करने का आग्रह करते हैं. हम आगा रुहुल्लाह मेहदी और जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की भी मांग करते हैं. चूंकि उन्होंने बयान दिया है, इसलिए एफआईआर दर्ज करने का मतलब यह नहीं है कि सभी चुप रहें।
मंगलवार को पुलिस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेता और सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठी और भ्रामक सामग्री फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था में गड़बड़ी हो सकती है। पुलिस ने एक बयान में कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक सामग्री के प्रसार के संबंध में विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद श्रीनगर के साइबर पुलिस स्टेशन में मामले दर्ज किए गए.
महबूबा ने ईरान का समर्थन करने के बजाय अमेरिका और इजरायल को मौन समर्थन देने के लिए मुस्लिम देशों की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि, मुस्लिम देश मूक दर्शक बनकर अमेरिका और इजरायल को मौन समर्थन दे रहे हैं. ये देश इजरायल के लाडले बन गए हैं. उन्होंने कहा कि, पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ एक समझौता किया, लेकिन उसकी चुप्पी से संकेत मिलता है कि यह समझौता इजरायल के खिलाफ नहीं बल्कि ईरान के खिलाफ था.पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने घाटी के युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की ताकि आर्थिक और पर्यटन क्षेत्र प्रभावित न हों. उन्होंने कहा, ष्मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अपील करती हूं… हमारी आर्थिक स्थिति संकट में है, मौसम की अनिश्चितताओं से यहां भारी नुकसान हुआ है.
उन्होंने कहा कि, अमेरिका द्वारा सेब पर लगाया गया टैरिफ यहां के सेब उद्योग के लिए संकट पैदा करेगा. पर्यटन में सुधार शुरू हो गया है, इसे पटरी से नहीं उतरना चाहिए. इसलिए मैं युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से सब कुछ करने की अपील करती हूं.उन्होंने कहा कि पीडीपी पार्टी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करना चाहती थी लेकिन हालात ने इसकी इजाजत नहीं दी. उन्होंने कहा, ष्लेकिन हमने इन शैतानी ताकतों, (डोनाल्ड) ट्रंप और (बेंजामिन) नेतन्याहू की तस्वीरें जलाकर ईरान के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और दुनिया को यह संदेश दिया कि हम ईरान के साथ खड़े हैं, खासकर कश्मीर के लोगों के साथ। पीडीपी प्रमुख ने विरोध प्रदर्शनों के बाद कश्मीर के कई समाचार पत्रों के फेसबुक पेज प्रतिबंधित किए जाने की भी निंदा की. उन्होंने कहा, ष्क्या वे यहां पत्रकारों को सच्चाई दिखाने से रोकना चाहते हैं।

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