Warning: Undefined array key 0 in /home/webhutor/nandkesari.com/wp-content/plugins/contact-form-7/includes/file.php on line 268
मध्य प्रदेश कांग्रेस में बगावती सुर, महिला आरक्षण बिल पर विजयलक्ष्मी साधौ का दर्द छलका - Nand Kesari || Top News || Latest News

मध्य प्रदेश कांग्रेस में बगावती सुर, महिला आरक्षण बिल पर विजयलक्ष्मी साधौ का दर्द छलका

भोपाल । मध्य प्रदेश में अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस में बगावती सुर बढ़ते जा रहे हैं. अब महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने पार्टी लाइन से विपरीत रुख अपनाया है. विजयलक्ष्मी साधौ ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की विचारधारा पर सवाल उठाए हैं. साधौ ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा ष्जब मैं मंत्री थी, उस समय भी पार्टी के दिग्गज नेता महिला आरक्षण के विरोध में थे।
कांग्रेस के दिग्गज नेता महिलाओं का मजाक उड़ाते हैं
शुक्रवार को राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में हुए कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों के सम्मेलन में डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने अपना दर्द बयां किया. डॉ.विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा ष्मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई थी. लेकिन उस समय कैबिनेट के दिग्गज मंत्री भी महिला आरक्षण के विरोध में थे. कैबिनेट में सुभाष यादव, राजेन्द्र शुक्ला, प्यारेलाल कंवर और मुशरान जैसे दिग्गज नेताओं ने एक सुर में महिला आरक्षण का मजाक उड़ाया था. इन लोगों ने कहा था जो महिलाएं किचन और घूंघट से बाहर नहीं आतीं, उनके लिए 33 प्रतिशत आरक्षण कहां से लाएंगे?
साधौ ने जीतू पटवारी को दी सलाह
कांग्रेस नेत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा राजीव गांधी के कार्यकाल में महिलाओं तवज्जौ मिली थी. वह भी उसी दौरान विधायक बनी थीं. उस समय से लेकर आज तक उन्हीं सीटों पर महिलाओं को टिकट दिए जाते हैं, जहां पार्टी कमजोर होती है, जहां जीतने की उम्मीद नहीं होती.ष् मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रभारी हरीश चौधरी को सलाह देते हुए डॉ. साधौ ने कहा ष्महिलाओं को टिकट देने में गंभीरता दिखाएं. ऐसी पुरानी सोच त्यागें कि जहां कांग्रेस सालों से हार रही है, वहां महिलाओं को टिकट दिया जाए।
संगठन के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए
कांग्रेस के संगठन की कार्यशैली पर उंगली उठाते हुए कांग्रेस नेत्री ने कहा ष्जब वह एआईसीसी की सचिव और महिला कांग्रेस की प्रभारी थीं, उस दौरान भी महिलाओं को वहीं टिकट दिए गए, जहां कांग्रेस कई बार चुनाव हार चुकी थी. अब जरूरी है कि महिलाओं से भेदभाव न करते हुए उन्हें जीतने लायक और सुरक्षित सीटों पर भी टिकट दिया जाए
शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिर गया. इस बिल पर लोकसभा में 528 सांसदों ने वोट डाले. इस दौरान पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al padişahbet padişahbet giriş