रीवा। अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने बीजेपी कार्यालय अटल कुंज में पत्रकार वार्ता में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने विपक्षी दलों को महिला विरोधी बताया. ष्पूरे देश ने देखा कि लोकसभा के उस फ्लोर पर महिलाओं को किसी भी प्रकार का आरक्षण न मिले, इसकी पूरी कोशिश कांग्रेस ने की. कांग्रेस शुरू से ही महिला विरोधी पार्टी रही है और यह उन्होंने साबित भी कर दिया. यह पार्टी नहीं चाहती कि महिलाओ को आरक्षण मिले.ष्
प्रियंका वाड्रा के नारे पर कसा तंज
कृष्णा गौर ने कहा ष् प्रियंका वाड्रा आपने ही नारा दिया था लड़की हूं लड़ सकती हूं, तो आज जब हमारे देश की बेटियों के अधिकारों की लड़ाई संसद मे लड़ी जा रही थी तब मैदान छोड़कर क्यों भाग खड़ी हुईं और अब कहती हैं यह लोकतंत्र की जीत है. विधेयक पारित न हो सके, इसके लिए दक्षिण और उत्तर के राज्यों मे विभाजित करने का कुत्सित प्रयास किया. इस विधेयक से न तो दक्षिण-उत्तर के राज्यों को कोई नुकसान था और न ही पुरुषो को कोई खतरा था और उनकी सीटें भी सुरक्षित थीं. जब जब इस देश में महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात हुई तब कांग्रेस ने हमेशा विरोध किया. शाहबानो प्रकरण यह देश कभी भूल नहीं सकता.ष्
पूरा विपक्ष महिला विरोधी
कृष्णा गौर ने कहा ष्यह साबित हो चुका है कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष नहीं चाहता था महिलाओं को आरक्षण मिले. कांग्रेस ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर तांडव किया. 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया तो इसके पीछे उनकी मजबूरी थी. क्योंकि 2024 का लोकसभा चुनाव सामने था और वे नहीं चाहते थे कि चुनाव मे किसी भी कारण से महिलाओं के वोटों से वंचित रहना पड़े. यही कारण है की उस समय सर्वसम्मति से पास करा दिया और यह शर्त रख दी कि जल्द से जल्द इसे लागू किया जाए.ष्
विधेयक गिरने पर विपक्ष ने खुशियां मनाईं
कृष्णा गौर ने कहा ष्हमारी सरकार संकल्प के साथ आगे बढ़ रही थी कि हमें 2029 में हर कीमत पर महिलाओं को आरक्षण देना है. तब सब ने देखा कि लोकसभा के फ्लोर पर कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने किस तरह हंगामा किया. विपक्षी दलों ने किस प्रकार से कुतर्क किए. किस प्रकार के बहाने बनाए. हद तो तब हो गई जब सबने मिलकर खुशियां मनाईं. मेजें थपथपाई गईं. विपक्ष का यह रवैया पूरे देश की महिलाओं का बड़ा अपमान है।
कृष्णा गौर ने कसा प्रियंका वाड्रा पर तंज ,कहा लोकसभा से क्यों भागी, लड़की हूं लड़ सकती हूं नारा कहां गया!
