सीएम मोहन यादव ने 2024 में किए थे बंद
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में आरटीओ के बंद चेक पोस्ट को शुरू करने का आदेश दिया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2024 में आरटीओ के चेक पोस्ट बंद करवा दिए थे. हाईकोर्ट में लगी एक जनहित याचिका में दलील दी गई है की चेकपोस्ट बंद होने के बाद ट्रक ऑपरेटर मनमानी पर उतर आए और बड़ी तादाद में गाड़ियों में ओवरलोडिंग हो रही थी और इसकी वजह से एक्सीडेंट भी हो रहे थे।
मोहन यादव ने बंद कर दिए थे आरटीओ चेकपोस्ट
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कई बार यह सार्वजनिक किया था कि मध्य प्रदेश में आरटीओ चेक पोस्ट अवैध वसूली के अड्डे बन गए हैं. मध्य प्रदेश से गुजरने वाले वहां मध्य प्रदेश की सीमा से परहेज करने लगे हैं. लगातार ऐसी शिकायतें आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2024 में मध्य प्रदेश के भीतर आरटीओ के 45 चेक पोस्ट बंद कर दिए थे.
हाईकोर्ट में लगाई गई थी जनहित याचिका
अब यह बंद चेक पोस्ट एक बार फिर से शुरू किए जाएंगे. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिकाकर्ता रजनीश त्रिपाठी ने जनहित याचिका लगाई थी. उनका कहना था कि चेक पोस्ट बंद होने के बाद से ट्रक मालिक मनमानी पर उतर आए हैं और बड़े पैमाने पर ओवरलोडिंग हो रही है. गाड़ियां मनमानी स्पीड पर चल रही हैं. गाड़ियों की फिटनेस सही नहीं है. इसकी वजह से एक्सीडेंट हो रहे हैं.
30 दिनों के भीतर शुरू किए जांए सभी चेक पोस्टश्
इस मामले की सुनवाई जस्टिस विशाल मिश्रा की कोर्ट में हुई. कोर्ट ने सरकार को आदेश दिए हैं कि ष्30 दिनों के भीतर मध्य प्रदेश के सभी चेक पोस्ट दोबारा शुरू किए जाएं.एडवोकेट भानु प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि ष्30 दिनों के भीतर मध्य प्रदेश सरकार को सभी आरटीओ चेक पोस्ट शुरू करना है और इसकी रिपोर्ट कोर्ट में देनी है. यदि सरकार ने चेक पोस्ट शुरू नहीं किए तो इस मामले में वह दोबारा कोर्ट के सामने वस्तु स्थिति रखेंगे।
हाई कोर्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश की सीमा से लगे दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जाएगी और क्षमता से अधिक भार और ऊंचाई ओवर वेट-ओवर लोड की जांच की जाए और नियम विरुद्ध तरीके से परिवहन करने पर चालान किए जाएं।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को प्रदेश के सभी चेक पोस्ट दोबारा शुरू करने के दिए आदेश
