जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में वरिष्ठतम न्यायाधीश विवेक रूसिया को एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है. भारत सरकार के कानून और न्याय मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी की है. जस्टिस रूसिया वर्तमान में प्रशासनिक न्यायाधीश पद की जिम्मेदारी निभा रहे थे. चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने से रिक्त पद के कारण यह व्यवस्था दी गई है.
1992 में एमपी स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में कराया रजिस्ट्रेशन
जस्टिस रूसिया ने जबलपुर से वकालत की शुरूआत की थी. बाद में हाईकोर्ट के जज बने. कुछ समय तक दूसरी बेंच में रहे. पिछले दिनों वापस जबलपुर स्थानांतरित हुए थे. उनका जन्म दो अगस्त 1969 को जबलपुर में हुआ था. बीएससी और एलएलबी की डिग्री प्राप्त करने के बाद आठ अगस्त 1992 से एमपी स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया. जस्टिस विवेक रूसिया के पिता स्वर्गीय प्रभाकर रूसिया मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता थे.
मध्य प्रदेश के 29वें चीफ जस्टिस बने संजीव सचदेवा, 20 सालों तक कर चुके वकालत
जस्टिस रूसिया ने अपने करियर की शुरुआत वरिष्ठ अधिवक्ताओं पी. सदाशिवन नायर, इंदिरा नायर और बाद में पटना एवं दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे राजेंद्र मेनन के साथ की. उन्हें जबलपुर उच्च न्यायालय के समक्ष मामलों में भारत संघ की ओर से पेश होने के लिए तीन साल की अवधि के लिए भारत सरकार के स्थायी वकील के रूप में नियुक्त किया गया था.
उन्हें हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन जबलपुर का संयुक्त सचिव चुना गया. वे हाई कोर्ट के साथ-साथ डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन जबलपुर के भी आजीवन सदस्य हैं. 7 अप्रैल 2016 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और 17 मार्च 2018 को स्थायी न्यायाधीश बने.
सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की नियुक्ति को केंद्र सरकार की मंजूरी
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा सहित पांच जजों की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति को केंद्र सरकार मंजूरी मिल गई है. शपथ ग्रहण इसी सप्ताह होना है. दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश जारी कर सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की गई थी. अब इन पांच नई नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 37 हो चुकी है. फिलहाल एक पद रिक्त है।
