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दतिया में पकड़ाया फर्जी डीआईजी , ठगी की रकम से उत्तर प्रदेश में प्लॉट-कार खरीदा - Nand Kesari || Top News || Latest News

दतिया में पकड़ाया फर्जी डीआईजी , ठगी की रकम से उत्तर प्रदेश में प्लॉट-कार खरीदा

दतिया में फर्जी एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का डीआईजी धराया, ठगी की रकम से उत्तर प्रदेश में प्लॉट-कार खरीदा.
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक ने फर्जी डीआईजी बनकर पहले सराफा व्यापारियों से करीब 80 लाख रुपये की ठगी की, इसके बाद उसी रकम से उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीद ली. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
फर्जी डीआईजी बनकर धोखाधड़ी
जानकारी के अनुसार, बीते गुरुवार को दतिया के दो सराफा व्यापारियों भाइयों ने सिविल लाइन थाना पहुंच कर थ्प्त् दर्ज कराई थी. पीड़ित भाईयों ने पुलिस शिकायत में बताया कि मनीष कुमार नामक युवक ने एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स झांसी डिवीजन का डीआईजी बनकर उनके साथ 80 लाख रुपए की ठगी की है. पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने उनके साथ एक फर्जी मामले के निपटारे के नाम पर धोखाधड़ी की है.
फर्जी एफआईआर दिखाकर ऐंठे 60 लाख
सिविल लाइन थाना प्रभारी भास्कर शर्मा के मुताबिक, श्श्दतिया के सराफा व्यापारी प्रियांशु अग्रवाल और उनके भाई अरविंद अग्रवाल ने पुलिस को बताया था कि, मनीष कुमार नाम के व्यक्ति ने उन्हें दुकान पर आकर खुद को एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स झांसी डिवीजन का डीआईजी बताते हुए उन पर गंभीर मामला दर्ज होने की बात कही और एफआईआर की कॉपी दिखाकर डराया. इसके बाद मामले में समझौता कराने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में 60 लाख रुपये ऐंठ लिए.श्श्
व्यापारियों को झांसे में लेकर ड्रामा
ये समझौता भी इस ठग के साथी प्रो. एके गुप्ता से करना था. जिसने पूर्व में अरविंद अग्रवाल से उनके पिता के पास कुछ रकम और करीब 100 ग्राम सोना बकाया होने की बात कही थी. चूंकि पिता का निधन हो चुका था ऐसे में उन्होंने उसकी बात के सबूत मांगे जो वह नहीं दे पाया. इसके बाद ही आरोपी मनीष कुमार गुबरैले ने अग्रवाल भाइयों के पास पहुंचकर शिकायत का पूरा ड्रामा रचा. जब आरोपी उनके पास पहुंचा तो उसने ब्लैक यूनिफार्म पहन रखी था, जिस पर तीन स्टार भी लगे थे. जिसकी वजह से पीड़ित व्यापारी उसके झांसे में आ गए.
समझौते के नाम पर साथी को 20 लाख
कुछ समय बात समझौता कराने के एवज में फर्जी डीआईजी ने अरविंद अग्रवाल से 20 लाख रुपये एके गुप्ता को भी दिलाए, जो आरोपी का ही सहयोगी था. काफी दिनों तक कागजी प्रक्रिया और एफआर लगाने के नाम पर आरोपी फरियादी सराफा कारोबारी को झांसा देता रहा. लेकिन इस बीच पुलिस के पास भी इस तरह की सूचना थी कि एक ठग गैंग दतिया में व्यापारियों को निशाना बना रहा है. ऐसे में एसपी द्वारा पुलिस टीम को भी पता सजी के लिए सक्रिय किया गया.
झांसी से आरोपी गिरफ्तार
जब इस तरह की ठगी की कुछ खबरे स्थानीय मीडिया द्वारा व्यापारी अरविंद अग्रवाल के कानों तक पहुंची तो उन्हें शक हुआ और उन्होंने सीधा पुलिस के पास पहुंचकर पूरी बात बताई. साथ ही फोटो वीडियो सबूत भी पुलिस को दिए. जिसके बाद पुलिस इस केस में सक्रिय हुई. पुलिस ने झांसी स्थित मनीष के ऑफिस में दबिश दी और फिर अन्य सुरागों के साथ यूपी से आरोपी फर्जी डीआइजी को हिरासत में लिया.
वाहन पर एंटी करप्शन विजलेंस फोर्स की नेम प्लेट
दतिया एएसपी सुनील शिवहरे ने कहा, ष्पुलिस ने आरोपी से उसकी कार जब्त कर ली है. जिस पर उसने एंटी करप्शन विजलेंस फोर्स के राष्ट्रीय असिटेंट प्रमुख की नेम प्लेट लगा रखी थी. पुलिस ने आरोपी से उसकी वर्दी भी बरामद की है जिसे पहनकर वह लोगों को झांसा देता था.ष्
पुलिस ने जब आरोपी से ठगी गई रकम के बारे में कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया है कि, श्श्शुरुआती रकम से उसने अपने लिए एक कार खरीदी. जिसके जरिये लोगों को विश्वास दिलाना आसान होता था. इसके बाद उसने झांसी में ही एक प्लॉट भी ठगी के रुपयों से खरीद लिया और उसकी रजिस्ट्री भी उसने अपने नाम पर ही कराई है.ष् अब आरोपी मनीष और उसका साथी पुलिस की हिरासत में है. पुलिस पता लगा रही है कि इन ठगों ने कितनी और वारदातों को अंजाम दिया है. आशंका है कि आरोपियों ने और भी लोगों को इसी तरह झांसा दिया होगा।

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